ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की प्रबंध कमेटी के सात में से छह सदस्यों की बैठक में नंदकिशोर उपमन्यु को सर्वसम्मति से दोबारा अध्यक्ष चुन लिया गया है। रजत गोस्वामी उपाध्यक्ष होंगे। एक जुलाई से यह समिति अस्तित्व में आ जाएगी। त्यागपत्र देने वाले सदस्य गौरव गोस्वामी बैठक में नहीं पहुंचे।
बुधवार की शाम मोहन बाग में हुई बैठक में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के निर्वाचित सदस्य रजत गोस्वामी, ब्रजेश गोस्वामी, दिनेश गोस्वामी के साथ मथुरा मुंसिफ द्वारा मनोनीत सदस्य इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अनिल कुमार शर्मा, श्रीकांत बाबा और वर्तमान अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु पहुंचे।
बैठक की कार्यवाही के शुरुआत में पांच सदस्यों ने पूर्व न्यायाधीश अनिल कुमार शर्मा के समक्ष अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने का प्रस्ताव रखा लेकिन अनिल कुमार शर्मा ने नंदकिशोर उपमन्यु के नाम का प्रस्ताव सभी के सामने रखा। इस प्रस्ताव का दिनेश गोस्वामी ने अनुमोदन किया। सर्वसम्मति पर नंदकिशोर उपमन्यु को अध्यक्ष चुन लिया गया। उपाध्यक्ष पद के लिए ब्रजेश गोस्वामी ने रजत गोस्वामी के नाम का प्रस्ताव रखा। रजत गोस्वामी को भी सर्वसम्मति से उपाध्यक्ष चुना गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कमेटी की प्राथमिकता मंदिर की समस्याओं को दूर करना रहे। मंदिर में दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की योजनाएं बनाई जाएंगी। गौरव गोस्वामी के बैठक में न आने के प्रश्न पर उपमन्यु ने कहा कि मंदिर प्रबंधन ने गौरव गोस्वामी को बैठक में बुलाने के लिए पत्र भेजे, समाचार पत्रों में गजट कराया और पत्र चस्पा किया लेकिन वो नहीं आए। त्यागपत्र के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन को गौरव गोस्वामी का कोई त्यागपत्र नहीं मिला है। बैठक में सात में से छह सदस्यों की उपस्थिति से कोरम पूरा हो गया। जो कानून के दायरे में आता है।
गैर कानूनी है अध्यक्ष का चुनाव: गौरव
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के सदस्य पद से त्यागपत्र देने वाले गौरव गोस्वामी ने कहा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव गैर कानूनी है। मैंने मथुरा मुंसिफ को त्यागपत्र दे दिया है। इसकी रिसीविंग मेरे पास है। इसके बाद अध्यक्ष को बैठक बुलाने का अधिकार नहीं है।