नंदगांव (मथुरा)। कन्हैया की क्रीड़ास्थली नंदगांव में बुधवार को एक बार फिर दाऊ जी के प्रेम के प्रतीक हुरंगा में नंदगांव की हुरियारिनों ने गिडोह के हुरियारों पर लाठियां बरसा कर प्रेम रस की वृष्टि की। गिडोह के हुरियारे पारंपरिक वेषभूषा से सुसज्जित हो छाजू मोहल्ला होते हुए ढप, झांझ, मजीरा अैार नगाड़े के साथ गाते-बजाते नंदभवन पहुंचे थे।
इस दौरान गुलाल वर्षा के साथ नंदभवन में होली के रसियों का आयोजन किया गया। नंदभवन से निकल कर हुरियारे दाऊ दादा के प्रतीक ध्वज के साथ ज्ञान मोहल्ला होकर निकले। हुक्कों की गुड़गुड़ाहट के साथ सरदारी आगे निकल कर गाते बजाते राम-राम सा कहते हुए निकलती है।
कस्बाइयों ने सरदारी और हुरियारों का जगह-जगह चौपालों और बैठकों पर अबीर, गुलाल लगा और ठंडाई, शर्बत पिला कर स्वागत किया। धीरे-धीरे हुरियारे गाते बजाते, हंसी ठिठोली करते लठामार होली एवं हुरंगा चौक में एकत्रित हुए।
यहां हुरियारे रणक्षेत्र में जाने वाले योद्धा की भांति बचाव के लिए लाए लकड़ी के हत्थों के साथ दाऊजी स्वरूप पताका की परिक्रमा की। हुरियारों ने सजी धजी हुरयारिनों से हंसी ठिठोली की। शाम छह बजे समाज का इशारा मिलते ही नंदगांव की हुरियारिनें गिडोह के हुरियारों पर टूट पड़ी।
एक-एक हुरियारे पर तीन से पांच हुरियारिनों ने ताबड़तोड़ लाठियों की बौछार की। दाऊ महाराज के जयघोषों से हुरंगा चौक गूंज उठा। हुरियारे, हुरियारिनों ने ब्रज रज को माथे से लगा ब्रज राज को नमन किया। 12 मार्च को गिडोह में हुरंगे का आयोजन किया जाएगा।