उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में वर्ष 2020 में महिला सिपाही के बेटे की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात को उसकी बहन की बेटी ने अंजाम दिया। इसके बाद उसने खुद की भी जान देना चाही, लेकिन वो बच गई। कोर्ट ने इस मामले में हत्यारोपी मौसेरी बहन को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
महिला थाने में तैनात महिला सिपाही के दो वर्ष के बेटे की हत्या कर खुद भी जान देने का प्रयास करने वाली बच्चे की मौसेरी बहन को बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी प्रथम महिला विरुद्ध अपराध की कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियुक्ता गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में है।
एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि 14 अक्टूबर 2020 को पुलिस लाइन के सरकारी आवास संख्या 203 में रहने वाली महिला सिपाही रेशमा देवी के 2 वर्षीय पुत्र दुष्यंत उर्फ लड्डू का शव कमरे में पड़ा मिला था। बच्चे के शव के पास उसकी मौसेरी बहन कासगंज के थाना ढोलना के गांव भोगीपुर निवासी पूजा बेहोश हालत में मिली थी। उसने हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने पूजा के होश में आने के जब पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।