मथुरा। नगर निगम की कैबिनेट में 560 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट पास कर दिया गया। इसमें पेयजल, सीवर और विकास कार्य के संग ही नगर निगम कर्मियों की पेंशन और वेतन भी शामिल है। इसके अलावा वृंदावन में कुंभ के लिए करीब 11 करोड़ और 50 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी पर व्यय किए जाएंगे। कैबिनेट सदस्यों ने अपनी इस बजट पर सहमति जताई।
जलकल कंपाउंड में साढ़े तीन घंटे तक चली कैबिनेट में छह पार्षदों को भी कार्यकाल पूरा होने पर विदाई दी गई। पार्षदों ने नगर निगम की जमीनों को कब्जामुक्त कराने के साथ ही हो रहे कब्जे रोकने की बात कही। नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ और मेयर मुकेश आर्यबंधु ने बताया कि 560 करोड़ का पुनरीक्षित बजट पास किया गया। इस मौके पर कैबिनेट पार्षद और अधिकारी मौजूद रहे।
जलकल के कर का पड़ेगा जनता पर बोझ
जल्द ही नगर निगम के वाशिंदों पर जल कर का बोझ पड़ने वाला है। यह कर साल 1999 से वसूला जाएगा। करीब साढ़े 12 हजार रुपये प्रत्येक घर पर बोझ पड़ जाएगा। इसका भी कुछ पार्षदों ने विरोध किया। इस पर नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ ने आश्वस्त करते हुए शासन को भेजने की बात कही। हालांकि इसे कम करने की शर्त पर स्वीकृत किया गया।
गृहकर और जलकर जमा करने की छूट बढ़ाई
गृहकर और जलकर पर ब्याज की छूट 28 फरवरी तक बढ़ा दी गई है। इसका लाभ नगर निगम की जनता को लाभ मिल सकेगा। जबकि यह नवंबर में खत्म हो गई थी।
केबल बिछाने वाली कंपनी से वसूला जाएगा कर
नगर निगम क्षेत्र में प्राइवेट कंपनी के केबल डालने पर अब कर वसूला जाएगा। कैबिनेट में इस पर भी मुहर लग गई।
कैबिनेट के छह सदस्यों को दी गई विदाई
कैबिनेट के छह सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने पर विदाई दी गई। मूलचंद गर्ग, विनोद भारद्वाज, नेमलता, चंद्रपाल, श्याम सिंह, मुन्ना निषाद को कैबिनेट में विदाई दी गई। दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर सभी को विदाई दी गई। 30 दिसंबर को नए पार्षद कैबिनेट में शामिल होंगे।