गिरिराज महाराज की नगरी के मुड़िया पूर्णिमा मेले में लघु भारत के दर्शन हुए। अभी एक माह का अधिक मास मेला निकला था। माना जा रहा था कि मेले में लोगों की संख्या कम होगी लेकिन परिक्रमा मार्ग पर गोवर्धन महाराज के भक्तों की कतारें लगीं। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं के ‘राधे-राधे श्याम मिला दे’ और ‘गिरिराज धरण की जय’ के गगनभेदी जयकारों से सप्तकोसी परिक्रमा मार्ग गुंजायमान रहा।
गुरुवार की रात को दंडवती परिक्रमा पर प्रशासन की रोक बेअसर रही। आस्था का सैलाब यूं था कि गिरिराज दानघाटी और गिरिराज मुखारबिंद मुकुट मंदिर पर तो पैर रखने की जगह नहीं थी। चारों ओर राधे-राधे के जयकारे गूंज रहे थे। दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल मिश्रित पंचामृत गिरिराज जी पर चढ़ाने के लिए मंदिर के बाहर तक कतारें लगी रहीं।
मनोकामना पूर्ण होने के बाद ब्राह्मण-साधुओं को भोजन कराने के लिए जगह-जगह भंडारे संचालित हुए। मानसी गंगा पर फव्वारों से स्नान किया। गिरिराज मुखारबिन्द मुकुट, गिरिराज दानघाटी मंदिर, गिरिराज मुखारबिन्द जतीपुरा में पूजा-अर्चना की और सप्तकोसी परिक्रमा लगाई।
रात के समय डीएम राजेश कुमार ने परिक्रमा मार्ग, सौंख अड्डा, बस स्टैंड पर हो रहे अतिक्रमण को सख्ती के साथ हटवाया। शुक्रवार सुबह मथुरा-गोवर्धन मार्ग स्थित अडींग बाईपास पर रोडवेज बस से जाम लगा, स्थिति बिगड़ती जा रही थी। ऐसे में जिलाधिकारी राजेश कुमार स्वयं बाइक पर बैठकर जाम को खुलवाने अडींग बाईपास पहुंचे। गुरुवार की रात डीआईजी लक्ष्मी सिंह, एसएसपी डॉ. राकेश सिंह, एसपी सिटी शैलेष पांडेय, एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी, एसपी क्राइम अशोक राय, एडीएम वित्त व मेलाधिकारी जयशंकर मिश्रा, एडीएम प्रशासन डीपी सिंह, एसडीएम सदर राजेश कुमार व सीओ सदर संजय कुमार आदि भी व्यवस्थाओं में लगे रहे।