मथुरा। गोकुल के प्राचीन पतित पावन कुंड यानि लंगोटी कुंड के सौंदर्यीकरण के लिए सांसद हेमामालिनी ने पहल की है। इसके लिए सांसद ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद को पत्र लिखा। कथाओं में वर्णन है कि मैया यशोदा ने इसी कुंड पर भगवान के फरुआ लंगोटी को धोया था। आज यह कुंड दुर्दशा का शिकार है।
गोकुल के गणेश मंदिर स्थित इस कुंड की कथा श्रीमद्भागवत कथा और अन्य पुराणों में भी आती है। जब भगवान कन्हैया का जन्म हुआ था, तब मैया यशोदा ने इसी कुंड पर भगवान के फरुआ लंगोटी को धोया था। यह मान्यता है कि इस कुंड पर सच्चे मन से जो भी कोई मनोकामना मांगता है, वह अवश्य ही पूर्ण होती है, लेकिन आज की तारीख में इस कुंड की दुर्दशा दयनीय है।
नगर पंचायत गोकुल के पास इतना फंड नहीं आता है कि इस प्राचीन कुंड का सौंदर्यीकरण करा सके। इस बारे में गोकुल नगर पंचायत के अध्यक्ष संजय दीक्षित ने मथुरा सांसद हेमामालिनी को एक पत्र लिखकर इसके सौंदर्यीकरण की मांग की। सांसद ने उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र को पत्र लिखकर कहा है कि गोकुल के प्राचीन पतित पावन कुंड का सौंदर्यीकरण गोवर्धन के कुसुम सरोवर और दाऊजी के क्षीरसागर जैसे कुंड की तरह किया जाना चाहिए। यहां पर जो घाटों की टूट गए हैं, उसको सही किया जाए। यहां पर सोलर लाइट, चहारदीवारी के लिए भी कहा है।