कोसीकलां। संतान की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए सोमवार को अहोई अष्टमी मनाई जाएगी। माताएं निर्जला व्रत रखकर संतान की दीर्घायु की कामना करेंगी। शाम 5:53 बजे से 7:07 बजे तक अहोई अष्टमी पूजन का विशेष समय रहेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित छैल बिहारी शास्त्री ने बताया कि सोमवार को अहोई अष्टमी का व्रत है। माताएं प्रात: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर अहोई माता से प्रार्थना करें। निर्जला व्रत करते हुए भगवान नाम स्मरण करें और शाम को तारों की छांव में अहोई माता के नाम से अर्घ्य देकर व्रत पारण करें। संवाद
अहोई पूजन विधि
अहोई माता की गेरु चूना से निर्मित प्रतिमा अथवा तस्वीर पर गंगाजल से मार्जन करते हुए रोली का तिलक लगाएं। संभव हो तो लाल फूलों की माला अर्पण करें। दीपदान करें और गेहूं के सात दाने हाथ में लेकर कथा श्रवण करें। अहोई माता के भोग प्रसाद में चना, हलवा, पुरी, मूली, सिंघाड़ा, गन्ना शुभ होता है। भोग लगाने के पश्चात क्षमा याचना करें।