गुरु पूर्णिमा पर गिरिराजजी की परिक्रमा कर लौट रहे श्रद्वालुओं की सेवा के लिए शुक्रवार को जीआरपी और आरपीएफ आगे आई। परिक्रमा से थके श्रद्धालुओं को जीआरपी की टीम ने सीओ नजमुल हसन के नेतृत्व में ट्रेनों में सवार होने में मदद की।
गुरु पूर्णिमा पर 5 से 10 जुलाई तक लगभग साढ़े 6 लाख से अधिक श्रद्धालु ट्रेन का सफर करके आए और गोवर्धन की परिक्रमा करने पहुंचे। परिक्रमा समाप्त होने के बाद थके श्रद्धालु अब अपने घरों पर लौटने लगे हैं। शुक्रवार को जीआरपी ने श्रद्धालुओं की मदद का बीड़ा उठाया। थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं को ट्रेन में सवार करने के लिए पूरी फोर्स तैनात रही। शुक्रवार को श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए 16 मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।
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स्टेशन निदेशक एनपी सिंह ने बताया कि झांसी के लिए 6, कासगंज के लिए 3, अलवर, कोटा, गंगापुर सिटी के लिए दो-दो मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। वहीं बांदीकुई के लिए एक मेला स्पेशल ट्रेन रवाना हुई। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक उपदेश कुमार कौशिक ने कहा कि सभी श्रद्धालुओं को आरपीएफ के सुरक्षाकार्मियों ने ट्रेन में सवार करके रवाना किया।
रेलवे जंक्शन पर रोजाना एक लाख से अधिक श्रद्धालु गोवर्धन परिक्रमा में जाने के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए रेलवे द्वारा टीमें लगाई गईं। - प्रशस्ति श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी रेलवे आगरा