इनकम डिक्लेरेशन स्कीम के आखिरी दिनों में मथुरा के धनकुबेराें ने भी छिपे काले धन को सरकार के सामने सरेंडर कर दिया। ये धनराशि 40 करोड़ बताई जा रही है।
मथुरा में चांदी, पोशाक, रीयल एस्टेट के कारोबार की जड़ें गहरी हैं। इन कारोबारों में लगभग तीन सौ से अधिक ऐसे कारोबारी है जो अपनी आय के हिसाब से आयकर जमा नहीं कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने इनकम डिक्लेरेशन स्कीम (आईडीएस) की घोषणा की तो आयकर विभाग ने भी ऐसे कारोबारियों पर अपनी निगाहें गड़ा ली। सूत्र बताते है बीते दिनों समाप्त हुई आईडीएस स्कीम में मथुरा से 35 कारोबारियों ने लगभग 40 करोड़ की रकम सरेंडर कर दी है। इस रकम से विभाग को 18 करोड़ का राजस्व मिलेगा।
पोशाक, चांदी, होटल और मिठाई कारोबारियों ने किया सरेंडर
आईडीएस स्कीम में विभागीय अफसरों ने मथुरा के चांदी कारोबारियों के साथ ही होटल, मिठाई ओर पोशाक के कारोबार से जुड़े बड़े नामों की लगातार काउंसलिंग की। सूत्र बताते हैं, जो रकम सरेंडर की गई है उसमें अधिकांश इन्हीं कारोबारों से जुड़े लोगों ने की है।
महिलाओं की ज्वेलरी, चांदी को किया उजागर
कारोबारियों ने सरेंडर की गई रकम में महिलाओं की ज्वेलरी और कारोबार में लगी चांदी को उजागर कर राजस्व जमा करने पर सहमति जताई है। एक होटल कारोबारी के परिवारीजनों ने महिलाओं की अधिकांश ज्वेलरी आयकर विभाग के सामने सरेंडर कर दी है।
आईडीएस स्कीम में सरेंडर के लिए हमने कई कारोबारियों की लगातार काउंसलिंग की थी। इसमें नवंबर 2017 तक तीन चरणों में सरेंडर की गई धनराशि का 45 प्रतिशत राजस्व जमा किया जाना है।
- अनिल कुमार शर्मा
संयुक्त आयुक्त आयकर मथुरा