आगरा के कोठी मीनार बाजार मैदान में 21 नवंबर 2013 को आयोजित जनसभा में जिस कुर्सी पर नरेंद्र मोदी पीएम बनने से पहले बैठे थे, अब दीनदयाल धाम में जनकल्याण सभा के दौरान भी उसी कुर्सी पर बैठेंगे। मोदी के बैठने भर से इस सामान्य कुर्सी की कीमत 21 लाख रुपये लग चुकी है, लेकिन इसका सौदा न करके इसे अनमोल बनाया गया।
25 मई को केंद्र सरकार के एक साल पूरे होने पर नगला चंद्रभान स्थित दीनदयाल धाम में आयोजित होने जा रही जनकल्याण सभा के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पीएम के लिए उस कुर्सी की मांग की है, जो 21 नवंबर 2013 में उपयोग में लाई गई थी।
इस कुर्सी पर नरेंद्र मोदी के बैठने के बाद खरीदने वालों की होड़ लग गई थी। आगरा के लोगों ने इसकी कीमत चार लाख, गुजरात के व्यापारी ने 15 लाख और महाराष्ट्र के एक एनआरआई ने 21 लाख रुपये लगा दी थी, लेकिन इस कुर्सी के मालिक प्रमोद टैंट हाउस के संचालक आगरा के प्रमोद उपाध्याय ने इसे किसी भी कीमत पर बेचने से इंकार कर दिया था।
अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी की इच्छा के अनुरूप इस कुर्सी को सरकार के एक साल पूरा होने पर आयोजित होने जा रही जनकल्याण सभा में फिर पीएम नरेंद्र मोदी के लिए लाया जा रहा है। सामान्य नजर आने वाली यह कुर्सी एक बार फिर सुर्खियों में आने जा रही है।