जिला अस्पताल में मरीजों का बुरा हाल है। उन्हें जो खुराक दी जा रही है उसमें भी गोलमाल हो रहा है। गुरुवार को जिला अस्पताल में 36 मरीज भर्ती थे। इनके लिए 750 ग्राम दाल बनाई गई। यानी एक मरीज के हिस्से में मात्र 21 ग्राम दाल आई। एडीएम के छापे में इसका खुलासा हुआ है।
जिला अस्पताल प्रशासन की शिकायतें शासन से लेकर प्रशासन तक गूंज रही हैं। कभी डाक्टर नहीं बैठते तो कभी मरीजों को बाहरी दवा लिख दी जाती है। लगातार मचने वाले हल्ले को देखकर नियमित रूप से चेकिंग कराई जा रही है। गुरुवार को एडीएम वित्त रवींद्र कुमार हकीकत जानने पहुंचे। भारी गोलमाल मिला। बिस्तर की चादरें तो बदली ही नहीं गई थीं। टायलेट की तो अरसे से सफाई ही नहीं हुई। तेज बदबू आ रही थी। एक टायलेट का तो दरवाजा भी नहीं था।
जब मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की स्थिति देखी तो पता चला कि 36 मरीजों के लिए सिर्फ 750 ग्राम दाल ही तैयार की जा रही थी। आलू और बैंगन की सब्जी देखने में भी ठीक नहीं लग रही थी। चार चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित मिले। इस पर अनुपस्थित का वेतन रोकने और अव्यवस्थाओं पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार के निर्देश सीएमएस को दिए गए हैं। साथ ही इसकी रिपोर्ट एडीएम वित्त ने डीएम को दे दी है।
खाद्य टीम ने लिए पतंजलि उत्पाद के नमूने
खाद्य एवं रसद विभाग की टीम ने गुरुवार को पंतजलि ब्रांड के घी और बेसन के नमूने लिए। इसके अलावा यमुनापार क्षेत्र में दूध के नमूने लिए गए। गुरुवार को खाद्य एवं रसद विभाग की दो टीमों ने अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई को अंजाम दिया।
यमुनापार गई टीम ने डहरुआ रोड स्थित ठेकेदार डेयरी और पैठ स्थित शिवम डेयरी से दूध का नमूना लिया। इसके अलावा एक अन्य टीम ने महोली रोड स्थित पंतजलि चिकित्सालय में नमूनों की कार्रवाई की। यहां गाय के घी और बेसन के नमूने लिए हैं। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।