प्रभु यीशु के पुनरुत्थान पर्व ईस्टर पर प्रवचन देते पादरी रेवरेंड पंकज इंद्रजीत
- फोटो : MATHURA
मथुरा। सेंट्रल मेथॉडिस्ट चर्च में गुड फ्राइडे से लेकर ईस्टर तक रात-दिन प्रार्थनाएं चलीं। रविवार को ईस्टर की सुबह सूर्योदय से पहले प्रार्थना की गई। लॉकडाउन के कारण इस बार जुलूस नहीं निकाला गया और सूर्योदय से पूर्व की प्रार्थना में केवल पास्टर ने प्रार्थना की, जिसका ऑनलाइन प्रसारण किया गया। लोगों ने प्रभु यीशु के जी उठने की खुशी में अपने-अपने घरों में प्रार्थना की और गीत गए।
सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च में पास्टर पंकज इंद्रजीत सिंह ने बताया कि आज का दिन ईसाई धर्म के सभी लोगों के लिए खास पर्व है। इसे पुनरुत्थान दिवस या ईस्टर संडे भी कहते हैं क्योंकि आज के दिन यीशु मसीह अपने मारे जाने के तीसरे दिन मुर्दों में से जीवित हुए। उन्होंने मृत्यु पर विजय प्राप्त की। जीवित होने पर सबसे पहले उनको मरियम मगदलीनी ने देखा। वह प्रेम और सत्य का संदेश बांटने आए थे। उन्होंने सिखाया कि परमेश्वर एक है। वह चाहते थे कि हम अपने पाप वाला जीवन छोड़ कर अपने पापों का अंगीकार करें और परमेश्वर से उद्धार प्राप्त करें।
द बाइबल फाउंडेशन के रीजनल कोऑर्डिनेटर व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासचिव मनीष दयाल ने कहा कि वर्तमान में हमारा देश कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बहुत कठिन दौर से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो अपील की है उसी के चलते सामूहिक रूप से प्रार्थना आयोजित नहीं की गई है। देवेंद्र सिंह, जोनाथन ग्रीन, हिमांशु सिंह आदि थे।