श्रीरामलीला महोत्सव के तहत बुधवार को महाविद्या मैदान में मेघनाद, कुंभकरण वध और सुलोचना सती लीला का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु लीलाओं का आनंद लेने पहुंचे।
रावण का भाई कुंभकरण छह माह सोता है छह माह के लिए जागता है। युद्ध के मैदान में लगातार हार के बाद रावण ने उसे युद्ध के लिए उठाया। प्रभु श्रीराम से शत्रुता पर उसने भी रावण को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं मानता है।
कुंभकरण रावण से गले मिलता है और कहता है कि अब मुझे अपनी जान बचती नहीं दिख रही है। कुंभकरण का हनुमान और सुग्रीव से युद्ध होता है। अंत में प्रभु श्रीराम कुंभकरण का वध कर देते हैं। रावण पुत्र मेघनाद ने राम सेना को व्याकुल कर दिया।
जामवंत मेघनाद को मूर्छित कर देते हैं। मेघनाद देवी की पूजा करता है और हनुमान जी उसकी पूजा पूरी नहीं होने देते और लक्ष्मण मेघनाद का भी संहार कर देते हैं।
मेघनाद की पत्नी सुलोचना अपने पति के साथ सती हो जाती है। लीला के दौरान गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी, रविकांत गर्ग, सभापति उमेश प्रेस वाले, प्रधानमंत्री बनवारी लाल गर्ग, सुनील अग्रवाल, सर्वेश शर्मा, अशोक अग्रवाल, अशोक गुड़ेरा, अजय मास्टर, बॉबी हाथी वाले, रामेश्वर रावल, विपुल पारीक आदि उपस्थित थे।
रामलीला में आज
- महाविद्या मैदान में रावण, अहिरावण वध लीला