ईंट-भट्टा संचालक अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए
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मथुरा। जनपद में 100 से अधिक ईंट-भट्ठा बगैर इनवायरमेंट क्लीरियेंस (ईसी) के संचालित हो रहे हैं। इनके संचालकों ने बगैर ईसी के ही न केवल खेतों से मिट्टी का उठान किया है, बल्कि ईंट पथाई कराते हुए उन्हें अब भट्ठों में लगा दिया है। यह सभी ईंट-भट्ठा मांट और छाता तहसील अंतर्गत संचालित हैं।
ताज ट्रिपेजियम जोन की सीमा खत्म होने के बाद जनपद सीमा में 199 ईंट-भट्ठा स्थापित हैं। इसमें 150 ईंट-भट्ठा मांट तहसील अंतर्गत सुरीर, नौहझील क्षेत्र स्थित हैं तो 49 ईंट-भट्ठा छाता तहसील में शेरगढ़, छाता के आसपास स्थित हैं। इनमें से अधिकतर के पास इनवायरमेंट क्लीरियेंस नहीं है। अब तक जिले में सिर्फ 54 ईंट-भट्ठों को ही ईसी मिली है। इसके अलावा अधिकतर ईट-भट्ठा संचालकों ने बगैर ईसी के ही संचालन शुरू कर दिया है।
18 पर हुई कार्रवाई
जनपद में 199 ईंट-भट्ठा स्थापित हैं। इनके संचालन के लिए एसडीएम छाता और मांट को निर्देशित किया है कि इनवायरमेंट क्लीरियेंस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी और रॉयल्टी के बगैर किसी का संचालन नहीं होना चाहिए। इस पर 18 भट्ठों पर कार्रवाई करते हुए पानी का छिड़काव कराया गया है।
-ब्रजेश कुमार, एडीएम वित्त एंव राजस्व
डीएम से मिले ईंट-भट्ठा संचालक
मथुरा। ईंट-भट्ठा संचालक एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर फौजदार, महामंत्री भानू प्रकाश वार्ष्णेय के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को अवगत कराया कि करीब 36 पत्रावलियां ईसी की अनुमति के लिए खनन विभाग में करीब 10 माह से लंबित हैं। अनुमति न मिलने के कारण उन्हें तहसील प्रशासन की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने उन्हें जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में उपाध्याक्ष राजकुमार वार्ष्णेय, अनिल सिंघल, सत्ता ठाकुर, प्रमोद ठाकुर, तेजप्रकाश सिंघल, कोषाध्यक्ष मोरध्वज अग्रवाल शामिल थे।