फोटो 10 जलकल कंपाउंड में आयोजित कार्य करणी की बैठक में मौजूद अधिकारीगण और पार्षद गण।
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मथुरा। जलकल कंपाउंड में आयोजित नगर निगम की कार्यकारिणी ने मंगलवार को संशोधित बजट सहित एजेंडे के पांच प्रस्तावों पर मुहर लगा दी। इसके अलावा निर्माण आदि संबंधी अन्य प्रस्तावों को भी सदन में पास किया गया। इस दौरान महाविद्या चौराहे के नाम परिवर्तन संबंधी प्रस्ताव को कार्यकारिणी ने खारिज कर दिया।
चालू वित्तीय वर्ष की डिमांड पर एक अप्रैल से 30 सिंतबर तक 10 प्रतिशत की छूट दिए जाने की व्यवस्था है लेकिन कोविड-19 के चलते लॉकडाउन से लोगों को कर जमा करने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका। ऐसे में कार्यकारिणी ने लॉकडाउन की अवधि को दो माह का मानते हुए गृहकर, जलकर, सीवर कर जमा करने की अवधि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है। वहीं वर्ष 2019-20 का कर जमा करने के लिए सरचार्ज को भी दो महीने तक के लिए छोड़ने संबंधी प्रस्ताव पर कार्यकारिणी ने मुहर लगा दी।
निगम अधिकारियों ने इसे मात्र एक महीने के लिए ही बढ़ाया था लेकिन पार्षदगणों ने इसे दो माह के लिए बढ़ाने को कहा। निगम द्वारा नामांतरण की उपविधि संबंधी प्रस्ताव को भी पास कर दिया। वहीं उपविधि में प्रस्तावित प्रीमियम धनराशि में 20 प्रतिशत एवं अनुज्ञा शुल्क की धनराशि में 25 प्रतिशत कम करते हुए प्रस्ताव स्वीकार किया गया। चित्रांश सेवा संस्थान द्वारा महाविद्या चौराहे का नाम परिवर्तित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर रखे जाने के प्रस्ताव को सदन ने खारिज कर दिया। सदन का एक मत था कि देवी के नाम पर रखे गए पुरातन नाम में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
वहीं बजट पर पार्षदों द्वारा की गई आपत्तियों को मानते हुए सदन में संशोधित बजट पेश किया गया। इसे सदन ने स्वीकार कर पास कर दिया। अन्य प्रस्तावों में चार प्रस्ताव निर्माण, छह प्रस्ताव जलकल के रखे गए। वहीं निगम में कैंटीन को ठेके पर संचालन की अनुमति प्रदान की गई। कार्यकारिणी की बैठक में महापौर मुकेश आर्य बंधु, नगर आयुक्त रविन्द्र कुमार मांदड़, सहायक नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, पार्षद विनोद भारद्वाज, सुमित वर्मा, मुन्ना निषाद, श्याम सिंह, मीरा मित्तल, लीला ठाकुर, गोविंद आदि मौजूद रहे।