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Mathura News: पांच भर्तियों से जुड़ा रहा है मथुरा का शिक्षक भर्ती घोटाला

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मथुरा। बेसिक शिक्षा विभाग के 19 परिषदीय फर्जी शिक्षकों के खिलाफ हुई एफआईआर के बाद विभाग में हलचल मच गई है। वर्ष 2016 में सामने आए इन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अब 8 वर्ष में केस दर्ज हो सका है। इसी तरह मथुरा का शिक्षक भर्ती घोटाला पांच शिक्षक भर्तियों से जुड़ा रहा है। इनमें 29334 विज्ञान/गणित शिक्षक भर्ती घोटाले ने तो पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। इस मामले का खुलासा वर्ष 2018 में एसटीएफ ने किया था। इसके साथ ही अन्य भर्तियों में भी घोटाले हुए।
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1. 29334 जूनियर हाईस्कूल में विज्ञान/गणित सहायक अध्यापक भर्ती घोटाले के बाद ही पूरे प्रदेश में फर्जी शिक्षकों की धर-पकड़ शुरू हुई। मई 2018 में मथुरा में एसटीएफ ने घोटाले का खुलासा किया। इसमें 110 ऐसे फर्जी शिक्षकों का खुलासा किया, जिन्होंने कभी इस पद हेतु न तो आवेदन किया और न ही वह शिक्षक बनने की योग्यता रखते थे। इसकी तुलना व्यापमं घोटाले से की गई। इस मामले में मुख्य आरोपी बीएसए कार्यालय के लिपिक महेश शर्मा व एक दर्जन प्रमुख आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। अब तक इस मामले में 100 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं। तत्कालीन बीएसए समेत 4 खंड शिक्षाधिकारी, डिस्पैच लिपिक पर एफआईआर दर्ज हुई।



2. वर्ष 2018 में ही 12460 प्राथमिक सहायक अध्यापक भर्ती में जिले में करीब 185 पदों पर शिक्षक भर्ती हुए। इसमें तत्कालीन डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल की जांच में करीब 33 ऐसे शिक्षकों की पहचान हुई। जिन्होंने टैट और डीएलएड के अंकपत्र फर्जी लगाए। पुलिस एफआईआर हुई और जांच जनपद स्तर पर गठित एसआईटी को सौंपी गई। 33 फर्जी शिक्षकों की पहचान के बाद जांच आगे नहीं बढ़ सकी। तत्कालीन बीएसए, बीईओ को आरोपित किया गया।
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3. 2016 में हुई 15000 शिक्षक भर्ती में करीब 19 संदिग्ध शिक्षकों का मामला वर्षों लटका रहा। इनके खिलाफ तत्कालीन बीएसए मनोज कुमार मिश्रा ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी। इसके बाद भी इनके खिलाफ अब 8 वर्ष बाद मुकदमा दर्ज हो सका है।



4. 2016 में ही 16448 शिक्षक भर्ती में भी फर्जीवाड़े के आरोप लगे थे। विभिन्न शिकायतों की जांच में कुछ शिक्षक फर्जी भी पाए गए जिनके विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही की गई लेकिन कभी विस्तृत जांच नहीं हो सकी।



5. हाईकोर्ट के निर्देश पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड डिग्रीधारक शिक्षकों की उच्चस्तरीय जांच में भी बड़ी संख्या में फर्जी व टेंपर्ड अंक पत्र से नौकरी पाने का खुलासा किया गया। मथुरा में करीब 60 से अधिक ऐसे शिक्षक चिह्नित किए गए। जो कि फिलहाल न्यायालय से स्टे प्राप्त कर सेवा में हैं और पैरवी के अभाव में जांच अधूरी है।
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