मथुरा। जिले में पंचायत चुनाव मखौल बन गया। राया ब्लॉक पर जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव जीता बसपा का समर्थित प्रत्याशी और प्रमाणपत्र ले गया निर्दलीय प्रत्याशी। बुधवार को बसपा प्रत्याशी अपना प्रमाणपत्र लेने पहुंचे तो वह दंग रह गए। पार्टी संगठन से लेकर पूर्व मंत्री तक हंगामा किया तब बसपा प्रत्याशी को विजयी होने का प्रमाणपत्र दिया गया।
कोरोना के चरमोत्कर्ष पर हुए जिले के पंचायत चुनाव में कदम-कदम पर लापरवाही और अव्यवस्थाएं हावी रहीं। बुधवार सुबह वार्ड 31 राया ब्लॉक के बसपा समर्थित प्रत्याशी खेम सिंह अपनी जीत का प्रमाणपत्र लेने के लिए जिला कलक्ट्रेट पहुंचे। उनसे अधिकारियों ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी योगेश पचहरा की जीत हुई है। उन्हें जीत का प्रमाणपत्र रात में ही दे दिया गया।
बसपा प्रत्याशी व साथ मौजूद बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र कुमार ने पूर्व मंत्री वर्तमान मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा, पूर्व विधायक राज कुमार रावत, मुख्य सेक्टर प्रभारी सत्य प्रकाश कर्दम, सेक्टर प्रभारी आगरा मुनीश कुमार आदि बसपा कार्यकर्ता जिला कलक्ट्रेट पर पहुंच गए। आरओ वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर मनोज त्रिपाठी के सामने अपना विरोध व्यक्त किया गया।
एडीएम (एफआर) ब्रजेश कुमार ने राया के आरओ जिला कृषि अधिकारी राम तेज यादव को भी बुलवाया गया। जांच हुई तो पता चला कि आरओ द्वारा मात्र 43 बूथों की गिनती के परिणाम के आधार पर ही निर्दलीय प्रत्याशी को जीत का प्रमाणपत्र दे दिया गया। जबकि वार्ड 31 में कुल बूथों की संख्या 72 थी। जब पूरे बूथों के वोट देखे गए तो बसपा प्रत्याशी खेम सिंह को जीत का प्रमाण दिया गया। वहीं, निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक वन संरक्षक आगरा राकेश चंद्र ने बताया कि वह मामले की जांच कर रहे है।