निकट भविष्य में मथुरा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह शहर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हो सकते हैं। इस पर विचार के लिए संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने संबंधित जनपदों के अफसरों को लखनऊ बुलाया है। इसमें मथुरा के साथ हाथरस, अलीगढ़, बिजनौर, मुजफ्फरनगर और शामली शामिल हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से 185 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राजस्थान का शहर भरतपुर लंबे समय से एनसीआर में शामिल है। जबकि 150 किलोमीटर से भी कम के दायरे में आने के बावजूद मथुरा सहित कई शहराें को एनसीआर में शामिल नहीं किया गया है।
इसी को आधार बनाते हुए कई शहरों से एनसीआर में शामिल किए जाने की आवाज उठ रही थी। खासकर मथुरा को एनसीआर में शामिल कराने की मुहिम बहुत पुरानी है। यहां से सांसद रहे जयंत चौधरी और कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने भी इसके प्रयास किए लेकिन सरकार में रहते हुए भी उन्हें असफलता ही हाथ लगी थी। सांसद हेमामालिनी ने भी पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में इस संबंध में प्रस्ताव दिया था।
अब प्रदेश सरकार इस पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस आशय का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के लिए संबंधित जनपदों के अफसरों को संयुक्त सचिव प्रेमशंकर ने 13 जनवरी को लखनऊ बुलाया है। यहां प्रमुख सचिव आवास एवं नियोजन की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें गाजियाबाद के कमिशभनर, हाथरस, बिजनौर और शामली के डीएम, मथुरा, अलीगढ़ और मुजफ्फर नगर के विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष और मुख्य नगर एवं ग्राम्य नियोजक शामिल होंगे।