उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान मथुरा देश के चार और वेटरिनरी विवि के साथ मिलकर पशु शल्य चिकित्सा क्षेत्र में काम करेगा। अखिल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत मथुरा को भी शामिल किया है।
आईसीएआर देश की पांच वेटरिनरी यूनिवर्सिटी में ‘डायग्नोस्टिक इमेजिंग एंड मैनेजमेंट आफ सर्जिकल कंडीशंस इन एनिमल्स’ प्रोग्राम शुरू कर रहा है। इसके तहत देश में पांच केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह केन्द्र आरवीआई बरेली, गुरु अंगददेव वेटरिनरी यूनिवर्सिटी लुधियाना, राजस्थान वेटरिनरी यूनिवर्सिटी बीकानेर, तमिलनाडु वेटरिनरी यूनिवर्सिटी चेन्नई और उत्तर प्रदेश वेटरिनरी यूनिवर्सिटी मथुरा में स्थापित किए जाएंगे। प्रथम चरण में इस प्रोजेक्ट के लिए 18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इस नेटवर्क प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वेटरिनरी यूनिवर्सिटी में मौजूदा हास्पिटल में चिकित्सा के लिए और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर होगा। इसके तहत मथुरा में स्थापित होने वाले सेंटर में सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, कलर डाप्लर अल्ट्रासाउंड, नेत्र चिकित्सा निदान इकाई, अस्थि व सामान्य चिकित्सा इकाई की स्थापना होगी।
डायग्नोस्टिक इमेजिंग एंड मैनेजमेंट आफ सर्जिकल कंडीशंस इन एनिमल्स नेटवर्क प्रोग्राम में उपरोक्त सभी यूनिवर्सिटी मिलकर काम करेंगी। चिकित्सा शोध के क्षेत्र में एक-दूसरे को अनुभव भी बांटेंगे और बीमारी के निदान की दिशा में काम करेंगे। डायग्नोस्टिक इमेजिंग एंड मैनेजमेंट आफ सर्जिकल कंडीशंस इन एनिमल्स नेटवर्क प्रोग्राम है। इसके तहत देश के पांच संस्थानों में सेंटर स्थापित होंगे। इसमें मथुरा भी शामिल है।
-प्रो. एसी वार्ष्णेय, कुलपति, वेटरिनरी यूनिवर्सिटी मथुरा