मथुरा। गांव बाकलपुर में नहर टूटने से जलमग्न खेत।
मथुरा। इधर चुनाव उधर किसानों की बर्बादी का मंजर। बुधवार को जुल्हेंदी माइनर की नहर पटरी टूटने से गांव बाकलपुर के किसान तबाह हो गए।
गांव के खेत झील में तब्दील हो गए। जब किसानों ने इसकी शिकायत सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की तो अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। बाद में सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष ने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया।
गांव बाकलपुर से गुजर रही जुल्हेंदी नहर का पानी पटरी से ओवर हो गया। इससे गांव की करीब १६ बीघा जमीन जलमग्न हो गई। इस जमीन में गेहूं, सरसों, आलू हो रहे थे। खेत के मालिक किसान राकेश ने बताया कि जब उसने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो सिंचाई अधिकारियों ने उल्टा उस पर ही पटरी तोड़ने का आरोप लगाया।
उधर, जानकारी लगने पर सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष सुधीर रावत ने बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण खेत में पानी घुसा है। वह उच्चाधिकारियों से बात कर रहे हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता नवनीत गर्ग ने बताया कि अचानक पानी से आने से पटरी टूटी है। नहर में अब पानी बंद करा दिया है।