मथुरा। नाइट कर्फ्यू लगते ही शहर हो या देहात की सड़कें सूनी हो गईं। केवल पुलिस और प्रशासन की गाड़ियों के सायरन गूंजने लगे। जहां भी दुकान खुली दिखी, उसे बंद कराने के लिए पुलिस ने देर नहीं की। डीएम और एसएसपी नाइट कर्फ्यू का हाल जानने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद नजर आए। इससे पहले नगर आयुक्त ने नगर निगम की गाड़ियों से नाइट कर्फ्यू की मुनादी कराई, वहीं पुलिस की गाड़ियों से भी लोगों तक यह संदेश पहुंचाया गया।
लगातार कोरोना केसों में हो रहे इजाफे को देखते हुए डीएम नवनीत सिंह चहल ने रविवार से नाइट कर्फ्यू का एलान किया था। नौ घंटे के इस कर्फ्यू में रात नौ से सुबह छह बजे तक दुकानों के शटर गिरने लगे। शहर हो या देहात की सड़कें हो, सभी सुनसान हो गईं। एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने पुलिस की गाड़ियों से डीएम के संदेश को पहुंचाया, वहीं नगर आयुक्त अनुनय झा ने भी नाइट कर्फ्यू की घोषणा के लिए नगर निगम की गाड़ियों से मुनादी कराई। कई दुकानें खुली दिखने पर पुलिस ने इन्हें बंद कराया।
नाइट कर्फ्यू लागू होते ही डीएम और एसएसपी एक साथ पूरे शहर का हाल जानने निकल पड़े। इसके बाद देहात में कई स्थानों पर पहुंचे इन दोनों आला अफसरों ने कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए निर्देश प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दिए। दोनों आला अफसरों को समझाया कि आवश्यक वस्तुओं के कार्य में कोई बाधा न बन जाए। अगर कोई पालन करता नहीं दिखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सोमवार को तो समय से दुकानों को बंद करके लोग रात नौ बजे से पहले ही अपने घर में घुस गए। एसएसपी ने बताया कि कोताही बरतने वाले पर कार्रवाई होगी।