वहीं विभागीय अधिकारियों ने मामले में चुप्पी साध रखी है। कोतवाली प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि रामवीर को गिरफ्तार कर मेरठ जेल भेजा गया है। वह 2018 के शिक्षक भर्ती मामले में शामिल था, जांच की जा रही है। देररात तक किसी ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की थी।
अन्य कर्मचारियों में खलबली
करीब तीन साल बाद 12460 शिक्षक भर्ती घोटाले में कार्रवाई से आरोपियों में खलबली मच गई है। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद तत्कालीन बीएसए संजीव कुमार सिंह द्वारा 33 फर्जी शिक्षकों के साथ लिपिक महेश शर्मा के विरुद्ध कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
पुलिस जांच के दौरान दो अन्य लिपिकों के नाम सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ के खुलासे के बाद बीएसए संजीव कुमार सिंह समेत 4 खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित हुए थे। हालांकि मामले में 33 फर्जी शिक्षक पकड़ में आने के बावजूद जांच आगे नहीं बढ़ सकी।