मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले के बाद से उच्च शिक्षण संस्थाओं की 14 बिंदुओं पर जांच कर रहे नोडल अधिकारियों को अब शिक्षण संस्थाओं में पहुंचकर जांच करनी होगी। इससे पूर्व उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी के इस आदेश का विरोध किया था लेकिन अब वह इसके लिए राजी हो गए हैं और जांच करने के लिए शिक्षण संस्थाओं तक जाएंगे। मालूम हो कि पिछले दिनों नोडल अधिकारियों को धमकियां तक मिली थीं।
जनपद में करीब 550 से अधिक उच्च शिक्षण शिक्षण संस्थाएं हैं। इनके द्वारा अभी तक समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति ली जाती थी लेकिन करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के बाद शासन ने इन सभी शिक्षण संस्थाओं की 14 बिंदुओं की जांच प्रारंभ की है। इस जांच के लिए कई नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं, जिनमें से 114 डिग्री कॉलेज व तीन विश्वविद्यालयों की जांच के लिए मांट महाविद्यालय के प्रोफेसर सतेंद्र सिंह चाहर व तीन अन्य प्रोफेसर की टीम को जिम्मेदारी दी है।
कुछ दिन तक टीम द्वारा समाज कल्याण विभाग में बैठकर जांच की थी लेकिन वहां पर कुछ शिक्षण संस्थाएं नहीं आ सकी थीं। जो शिक्षण संस्थाएं नहीं आ सकी थीं, उनके लिए समाज कल्याण विभाग ने नोडल अधिकारियों को शिक्षण संस्थाओं में पहुंचकर 14 बिंदुओं की जांच करने को कहा था। जिसके बाद नोडल अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच करने से मना कर दिया था। अब नोडल अधिकारियों को कहना है कि अब उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुन: शिक्षण संस्थाओं में जाकर 14 बिंदुओं की रिपोर्ट देंगे। नोडल अधिकारी सतेंद्र सिंह चाहर ने बताया कि अब वह बची हुई शिक्षण संस्थाओं में पहुंचकर जांच रिपोर्ट देंगे।