मथुरा/राया। राया के नीवगांव रोड पर दो पेट्रोल पंप दो साल से बिना किसी रोक-टोक के धड़ल्ले से चल रहे थे। जब मामला उजागर हुआ तो पेट्रोल पंप संचालक रातोंरात डिस्पेसिंग मशीन को उखाड़कर ले गए। अब प्रशासन को पेट्रोल पंप होने के भी सबूत नहीं मिल रहे हैं। जिससे पूर्ति विभाग और बांट माप विभाग संदेह के घेरे में नजर आने लगा है, जबकि यह पेट्रोल पंप दो साल से चल रहे थे।
बताते चलें कि नीवगांव रोड पर गांव गैयरा के समीप भगवतस्वरूप के खेत में करीब दो साल पूर्व से पेट्रोल पंप चल रहा था और डीजल और पेट्रोल की धड़ल्ले से बिक्री हो रही थी। गोवर्धन में भी इसी तरह के मामले का खुलासा हुआ था तो संचालक रातोंरात ही पंप उखाड़कर भाग खड़ा हुआ। साथ ही थाना मांट के गांव अंदुआ में भी रात के समय पेट्रोल पंप की मशीन गायब हो गई।
कोरम पूरा करने के लिए पूर्ति निरीक्षक मांट मोहन प्रकाश भारद्वाज व बांट माप निरीक्षक अनुराग कुशवाहा टीम के साथ स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। पूर्ति निरीक्षक मांट मोहन प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि अभी तक वहां पर पंप होने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। जांच चल रही है। प्रभारी निरीक्षक उत्तम चंद पटेल ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सांठगांठ से तेल का खेल
गैयरा और अंदुआ में अवैध पेट्रोल पंप पर प्रशासन की मिलीभगत से कहीं सांठगांठ कर तेल का खेल तो नहीं चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर दो साल पहले से पेट्रोल पंप चल रहा था। नीवगांव रोड पर गोरई, इगलास के लिए भी रास्ता है। यहां पर वाहनों को आवागमन भी ठीक रहता है। तेल के खेल के पीछे किसी सफेदपोश नेता का हाथ भी होने की चर्चा है।
बताते चलें कि राया में कई बार तेल के खेल का पुलिस प्रशासन ने भंडाफोड़ कर तेल के अवैध कारोबारियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज हुए हैं। अलीगढ़ सीमा पर स्थित अयेरा गांव भी तेल के खेल में चर्चा में रहा है।