मथुरा-हरियाणा सीमा से सटे गांवों में मोबाइल टावर की बदलती लोकेशन का फायदा उठाकर साइबर ठग पुलिस से बच निकल रहे हैं। पुलिस अब दोनों राज्यों के समन्वय और संयुक्त अभियान के जरिए इन अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में सक्रिय साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को तकनीकी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा सीमा से सटे कई गांवों में मोबाइल टावर की लोकेशन बदलने के कारण साइबर अपराधी आसानी से पुलिस की नजर से बच रहे हैं। चंद कदमों का फासला तय करते ही मोबाइल की टावर लोकेशन उत्तर प्रदेश से हरियाणा और हरियाणा से उत्तर प्रदेश में बदल जा रही है।
कोसीकलां क्षेत्र के सांचोली नगला, गढ़ीबरबारी, चौंडरस और शाहपुर गांव हरियाणा की सीमा से बिल्कुल सटे हुए हैं। सांचोली के पास एक नगला हरियाणा सीमा में है, लेकिन इसकी मोबाइल टावर लोकेशन मथुरा की दिखती है। कुछ जगह मथुरा की सीमा में खड़े व्यक्ति की लोकेशन हरियाणा के टावर से दर्ज हो जाती है। इसी तकनीकी भ्रम का लाभ उठाकर साइबर ठग पुलिस को चकमा दे रहे हैं। बीते दिनों पुलिस के सर्च ऑपरेशन के दौरान मौका देखते ही दर्जनों आरोपी कुछ कदम चलकर दूसरे राज्य की सीमा में पहुंच गए थे। इससे उनकी टावर लोकेशन बदल गई और उन्हें पकड़ने में सफलता नहीं मिली।
कई बार पुलिस टीम उत्तर प्रदेश की सीमा में पहुंचती है तो आरोपी हरियाणा की ओर निकल जाते हैं, जबकि हरियाणा पुलिस की सक्रियता बढ़ने पर वह दोबारा मथुरा की सीमा में लौट आते हैं। पुलिस को लगातार इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि सीमा क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय, तकनीकी निगरानी और संयुक्त अभियान की प्रक्रिया के बाद कार्रवाई हो सकेगी। पुलिस अब ऐसे सीमावर्ती गांवों पर विशेष नजर रख रही है। ताकि टावर लोकेशन के इस खेल पर अंकुश लगाया जा सके।