मथुरा। लगभग दस वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के मामले में एडीजे-7 ने दोषी मां-पिता और दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी अभियुक्त जमानत पर थे। न्यायाधीश ने निर्णय सुनाने के बाद सभी को जेल भेजा है।
वारदात 19 नवंबर 2011 की है। केशोपुरा भार्गव गली निवासी गोविंद के भाई जीतू (28) को पड़ोस में रहने वाले राम सिंह पुत्र कुंवरपाल, उनके पुत्र उमेश, छोटू उर्फ महेश और पत्नी पुष्पा देवी बुलाकर ले गए। जीतू घर वापस नहीं आया। छानबीन करने पर भी जीतू नहीं मिला। पांच दिन बाद 25 नवंबर 2011 को हाईवे थाना क्षेत्र में बोरे में बंद एक युवक का शव मिला। जिसकी गोविंद व अन्य परिजन ने जीतू के रूप में शिनाख्त की। गोविंद ने राम सिंह उसके दोनों पुत्र तथा पत्नी के खिलाफ कोतवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने सभी को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन बाद में सभी जमानत पर छूट गए। शनिवार को एडीजे-7 प्रमोद कुमार सिंह ने राम सिंह, उसके पुत्र उमेश, छोटू उर्फ महेश और उसकी पत्नी पुष्पा देवी को हत्या में आजीवन कारावास तथा प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। एडीजीसी मुकेश गोस्वामी ने बताया कि दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सभी को जेल भेज दिया है।