मथुरा जंक्शन पर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के लिए 10 व्हीलचेयर उपलब्ध हैं, लेकिन उन्हें ट्रेन तक पहुंचाने और ट्रेन में चढ़ने-उतरने में पर्याप्त मदद नहीं मिल पा रही है। रेलवे ने दूसरे प्रवेश द्वार पर एस्केलेटर लगाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस काम को जल्द शुरू किया जाएगा।
मथुरा रेलवे स्टेशन पर बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को सुविधा देने के नाम पर व्यवस्था व्हीलचेयर तक सिमटकर रह गई है। स्टेशन पर व्हीलचेयर तो उपलब्ध हैं, लेकिन यात्रियों को ट्रेन तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। ऐसे में बुजुर्गों को कुलियों या परिजनों के सहारे प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक पहुंचना पड़ता है। जिन यात्रियों के साथ कोई नहीं होता, उनके लिए यह सफर और मुश्किल हो जाता है।
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मथुरा जंक्शन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग और दिव्यांग यात्री पहुंचते हैं। कई यात्रियों को चलने-फिरने में परेशानी होती है। ऐसे में उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने के लिए व्हीलचेयर की जरूरत पड़ती है। वाणिज्य विभाग के पास 10 व्हीलचेयर उपलब्ध हैं, लेकिन केवल व्हीलचेयर मिल जाने से यात्रियों की परेशानी दूर नहीं होती। उन्हें ट्रेन में चढ़ाने और उतरने में भी मदद की जरूरत होती है। ए-1 श्रेणी के स्टेशनों की सूची में शामिल मथुरा जंक्शन पर सिर्फ प्रथम और तृतीय प्रवेश द्वार पर ही एस्केलेटर (स्वचलित सीढि़यां) की सुविधा उपलब्ध है। जबकि तीनों प्रवेश द्वार पर लिफ्ट की व्यवस्था जरूर की गई है।
आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकरी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मथुरा जंक्शन पर द्वितीय प्रवेश द्वार पर एस्केलेटर (स्वचलित सीढि़यां) की सुविधा के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसको लेकर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।