मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय वेटरनेरी विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान से संबद्ध कृषि विज्ञान केंद्र के निलंबित प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा के प्रकरण में २८ जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। डॉ. मिश्रा को विभिन्न गंभीर आरोपों के चलते २४ मार्च को निलंबित किया गया था। उनकी ही याचिका पर हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय से जांच रिपोर्ट मांगी थी।
गौरतलब रहे कि मथुरा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. एसके मिश्रा की नियुक्ति वेटरनेरी यूनिवर्सिटी के अस्तित्व में आने से पूर्व कानपुर स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के अधीन की गई थी। इसी को ध्यान रखते हुए जनप्रतिनिधि, आरटीआई कार्यकर्ता और मथुरा केवीके के वैज्ञानिकों की शिकायत पर राजभवन ने कुलपति कानपुर को जांच के आदेश दिए थे।
इस जांच में डॉ. मिश्रा पर गंभीर आरोप निर्धारित किए गए। इसमें सहायक प्राध्यापक के सीनियर स्केल के लिए आवश्यक ट्रेनिंग पूरी न होने पर कूट रचना कर स्केल प्राप्त करना, सह प्राध्यापक का पदनाम न देने के बावजूद गुमराह करना, ट्रेनिंग आर्गेनाइजर इंचार्ज के लिए गुमराह करने सहित विभिन्न गंभीर आरोप लगे हैं। जिन पर मार्च माह में वेटरनेरी विवि मथुरा के कुलपति ने कार्रवाई करते हुए डॉ. मिश्रा को निलंबित कर दिया।
इस निलंबन के खिलाफ डॉ. मिश्रा ने हाईकोर्ट की शरण दी। इस पर कोर्ट ने विश्वविद्यालय से दो सप्ताह में मामले की जांच पूर्ण करते हुए रिपोर्ट मांगी। अब इस मामले में २८ जुलाई को सुनवाई होने जा रही है।