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Mathura Ground Report: यमुना रिवर फ्रंट से रोप-वे सेवा तक, भगवान कृष्ण की नगरी में कितना हुआ विकास? देखें

Sat, 05 Sep 2026 08:28 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा

सार

Mathura Ground Report: 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत अमर उजाला की टीम ने मथुरा का दौरा किया। जहां टीम ने जिले के विकास कार्यों की जमीनी पड़ताल की। टीम में जिले के जिलाधिकारी, बाहर से आए श्रद्धालुओं और सुरक्षा गार्ड से बातचीत की। रिपोर्ट के जरिए जमीनी हकीकत को जमानने की कोशिश की। 
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Mathura Ground Report - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Mathura Ground Report: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में अब एक साल से भी कम समय बचा है, जिसके लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में, अमर उजाला की टीम ने 'सक्षम यूपी' कार्यक्रम के तहत मथुरा जिले का दौरा किया है। इस पड़ताल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर कितना असर पड़ा है। सरकार के विकास के दावों पर लोगों ने क्या कहा। यह दौरा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जमीनी हकीकत टटोलने के लिए महत्वपूर्ण है।टीम ने जिलाधिकारी और यहां आए श्रद्धालुओं से सीधे संवाद कर सरकारी नीतियों के प्रभाव, विकास कार्यों की समीक्षा और उनकी समस्याओं-अपेक्षाओं को जाना।

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यमुना रिवर फ्रंट बनने से पर्यटन और रोजगार को कितना मिलेगा लाभ?
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि ब्रज में भगवान श्री कृष्ण के समय की तीन चीजें गिरिराज जी पर्वत, ब्रज की रज और यमुना मैया आज भी मौजूद हैं। लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन ठाकुर श्री बांके बिहारी जी के मंदिर दर्शन करने आते हैं। हर व्यक्ति यमुना जी की पूजा करने की इच्छा रखता है। पहले बने जोल घाट और केसी घाट जैसे स्थानों पर बाढ़ से कटाव होते थे। अब जुगल किशोर घाट से केसी घाट और देवराहा बाबा के रास्ते तक घाटों का निर्माण हो रहा है। रिवर फ्रंट के विकास से श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ और आचमन के लिए शुद्ध स्थान मिलेगा। यह 25 किलोमीटर का क्षेत्र वृंदावन से शुरू होकर गोकुल के नीचे चिंताण मंदिर तक जाता है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। वृंदावन में 450 से अधिक नावों का पंजीकरण किया गया है। विश्राम घाट और मथुरा में 250 से अधिक नावों का पंजीकरण हुआ है। नाविकों को नाव चलाने की पूरी प्रशिक्षण दी जाएगी। नावों की क्षमता से अधिक लोग न बैठें, यह सुनिश्चित किया जाएगा। हर नाव पर लाइफ सेविंग जैकेट अनिवार्य होगी और नावों का समय-समय पर परीक्षण होगा।



बरसाना में बने रोप-वे सेवा पर क्या बोले श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित बरसाना में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने रोपवे सेवा शुरू की है। पहले दर्शन के लिए सीढ़ियां चढ़ने में काफी कठिनाई होती थी, जिससे बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को परेशानी होती थी। अब इस नई सुविधा से श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी हो गई है। एक श्रद्धालु ने कहा कि सनातन धर्म बहुत ही कमजोर था। आज सनातन धर्म बहुत ही मजबूत हो रहा है। हमने इस बात को यहां जमीन पर आंखों से देखा है। बहुत ज्यादा विश्वास और तसल्ली और योगी जी को धन्यवाद देते हैं। एक अन्य महिला श्रद्धालु ने कहा कि बहुत अच्छा लग रहा है। पहले हम डूंगर चढ़ के आते थे। बहुत तकलीफ होती थी। चढ़ नहीं पाते थे। अब बहुत सुविधा हो गई है। बहुत आनंद आता है। राधा रानी के दर्शन के लिए पहुंचे एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि बहुत ही आनंद है। इतनी बढ़िया व्यवस्था, इतना बढ़िया सिस्टम, जैसे कोई चोर उचके का कोई भय-डर नहीं है। योगी जी को हम बार-बार हाथ जोड़ के धन्यवाद देना चाहेंगे। योगी आदित्यनाथ आए हैं। उसके बाद में ही शायद यह श्रद्धा और इतने श्रद्धालु आने शुरू हुए हैं। पहले तो यहां बहुत ज्यादा गुंडागर्दी हमने सुना था। टीवी में समाचार देखा करते थे। अब जब यहां माहौल शांत हुआ है। सीएम योगी को बहुत-बहुत धन्यवाद है। राधा रानी के मंदिर में मौजूद एक सुरक्षा गार्ड ने कहा कि हमें बहुत अच्छा लग रहा है। हमको रोजगार भी मिला है। हमारा घर भी अच्छे से चल रहा है। एक अन्य महिला ने कहा कि हम लोग यहां गोकुल में कथा सुनने आए हैं। अधिक माह से और अभी सारी यात्राएं हैं। सुबह कथा सुनते हैं और शाम को घूम रहे हैं। बहुत बढ़िया है।
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टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर बनने से पर्यटकों को कितना होगा फायदा
मथुरा स्थित बरसाना में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्यटक सुविधा केंद्र (टीएफसी) और मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण द्वारा श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज के मैदान में यह परियोजना विकसित की जा रही है। इसका उद्देश्य राधा रानी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन और पार्किंग जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था को भी परियोजना में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। केंद्र में एक साथ सैकड़ों लोगों के लिए खाना तैयार करने की व्यवस्था होगी। टीएफसी के प्रथम और दूसरे तल पर मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जा रही है। दो मंजिला पार्किंग में एक साथ करीब 400 कारें खड़ी हो सकेंगी। इससे निजी वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। इस पर्यटन सुविधा केंद्र की अनुमानित लागत करीब 44.5 करोड़ रुपये है। इसके लिए श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज की भूमि प्रस्तावित की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, टीएफसी और पार्किंग का निर्माण लगभग एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। यह केंद्र बड़े श्रद्धालु समूहों को एक ही जगह ठहरने, वाहन खड़े करने और भोजन की व्यवस्था करने में मदद करेगा। इससे बरसाना के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा।

मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि यहां देश और विदेश से टूरिस्ट आते हैं। बाहर भी जाते हैं, देश के बाहर भी जाते हैं। यहां अपने मथुरा जैसी जगह में बरसाना जैसी जगह में आधुनिक सुविधा पाकर लोगों को लगता है कि सरकार ने पर्यटन के विकास के लिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए और जो हमारी विरासत है। उसके विकास के लिए कटिबद्ध है। आगे बताया कि देखिए केवल बरसाना में ही नहीं। सबसे पहले टीएफसी वृंदावन में बनाई गई थी। गोवर्धन में बनाई गई। बरसाना में बनी है। गोकुल में बनी है। बलदेव में बनाने के लिए हम लोग प्रयासरत हैं। टीएफसी किसी भी टूरिस्ट प्लेस की एक धुरी है। बाहर से लोग आते हैं। वहां उनके रुकने की, उनके नहाने की और जो स्थान की बेसिक जानकारी मिलती है। स्वामी प्रेमानंद जी महाराज ने राधा नाम के जप का संदेश दिया है। उससे जो वृंदावन के बांके बिहारी जी मंदिर के ठाकुर जी के मंदिर के बाद जो सबसे ज्यादा भीड़ अब बरसाना में हो रही है। रोपवे का निर्माण हो, टीएफसी का निर्माण हो। उसके अलावा आपने खुद भी देखा होगा। यहां हर स्तर पर काम किया जा रहा है। 

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