फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयगुरुदेव आश्रम मामले में जवाब दाखिल करेगा प्रशासन

Thu, 20 Oct 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला मथुरा
विज्ञापन
जय गुरुदेव
विज्ञापन
जयगुरुदेव आश्रम को ग्राम पंचायत की जमीन देने और उस पर निर्माण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उठाए गए सवालों पर अब जिलाधिकारी और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण अपना जवाब दाखिल करने जा रहे हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अख्तियार करते हुए शासन की प्रक्रिया को भी कठघरे में खड़ा कर दिया था।
विज्ञापन


दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे किनारे स्थापित जयगुरुदेव मंदिर के पीछे बाबा जयगुरुदेव का समाधि स्थल बनाया जा रहा है। यह समाधि स्थल निर्माण के साथ ही विवादों में है। इसके विवाद की मुख्य वजह संबंधित जमीन का ग्राम पंचायत के पट्टे का होना है। साथ ही इस पर निर्माण बगैर नक्शा की स्वीकृति के शुरू कर दिया गया था। इसे लेकर दायर याचिका पर पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश शासन, मथुरा डीएम और मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण पर सख्त टिप्पणी करते हुए दो सप्ताह में जवाब मांगा था। 

111 पैरा की इस याचिका में सबसे ज्यादा आपत्ति याची ने उपरोक्त जमीन को नजूल की बताते हुए इसे 30 साल के पट्टे पर दिए जाने को लेकर की है। इसके अलावा यह भी प्रश्न उठाया है कि इसके नक्शा की स्वीकृति बगैर डीएम की सहमति के की गई। डीएम के साथ मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने हाईकोर्ट के आदेश पर इसका जवाब तैयार कर लिया है। गौरतलब रहे कि महोली गांव की करीब पांच एकड़ जमीन 2007 में मुलायम सिंह सरकार के कार्यकाल में बाबा जयगुरुदेव आश्रम को 30 साल के पट्टे पर दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें