वृंदावन (मथुरा)। सावन के तीसरे सोमवार को शिवभक्तों ने 4 लाख ग्यारह हजार पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण कर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य उनका अभिषेक किया।
शिव कथा श्रवण कराते हुए देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शिव के निराकार और साकार दोनों रूप हैं। शिवलिंग को पुरुषत्व का प्रतीक नहीं बल्कि निर्गुण निराकार शिव का प्रतीक मानकर पूजन करना चाहिए। सोमवार को जैंत स्थित शिव आराधना स्थल पर प्रात: शिवभक्तों ने कथा श्रवण करते हुए मिट्टी के पार्थिव शिवलिंग बनाए।
उत्साहित शिवभक्तों ने ‘बम भोले’ के जयकारों से आयोजन स्थल को गुंजायमान कर दिया। शाम को सभी ने एक साथ रुद्राभिषेक किया। कथा में विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के सचिव विजय शर्मा, रवि रावत, प्रभा शंकर वर्मा, सुधीर कुमार वर्मा, नीरज, आंचल वर्मा, विष्णु शर्मा, देव शर्मा, धर्मेंद्र यदुवंशी, रोहित, किशन शर्मा, गजेंद्र सिंह आदि थे।
गोपेश्वर महादेव पर भक्तों ने किया जलाभिषेक
कान्हा की नगरी वृंदावन तीसरे सोमवार को शिवमय नजर आई। चहुंओर शिव शंकर के उद्घोष ही सुनाई दिए। सुबह से ही प्राचीन गोपेश्वर महादेव मंदिर में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवभक्त अपने आराध्य के जलाभिषेक व पूजन-अर्चन को दिनभर लालायित रहे। शिवभक्तों ने गंगाजल व यमुनाजल से वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य गोपेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। नगर के टालेश्वर महादेव, प्रतापेश्वर महादेव, बिहारेश्वर महादेव, बनखंडेश्वर महादेव आदि शिवालयों में पर शिवभक्तों ने पूजन किया।