मथुरा। अनलॉक-1 में 17 दिनों से मथुरा डिपो को भारी नुकसान हो रहा है। अभी तक एक करोड़, 53 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि दूसरे राज्यों में बसों का संचालन नहीं किया जा रहा है। लगातार हो रहे घाटे की भरपाई के लिए अब मथुरा डिपो के अफसरों को सिर्फ दूसरे राज्यों में बसों के संचालन से ही उम्मीद लगी हुई है।
लॉकडाउन में तो बसों के पहिए बिल्कुल थम गए थे। सिर्फ प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रोडवेज बसें लगाई गई थीं, पर अनलॉक-1 में मथुरा डिपो को कमाई की उम्मीद जगी थी, लेकिन 17 दिन बीतने के बाद भी मथुरा डिपो की उम्मीदें परवान नहीं चढ़ सकीं। सवारियों का न मिलना इसके पीछे कारण बताया जा रहा है।
अभी तक सिर्फ पुराने बस अड्डे और अंतरराज्जीय नए बस अड्डे से करीब 30 बसों का संचालन हो रहा है। ये बसें सिर्फ यूपी के ही जनपदों तक सीमित हैं। मथुरा डिपो के एआरएम विनोद कुमार शुक्ला ने बताया कि सवारी न मिलने के चलते प्रतिदिन होने वाली 13 लाख रुपये की आय सिमटकर करीब चार लाख रुपये तक रह गई है। फिलहाल अन्य राज्यों में बसें न जाने से भी यह घाटा झेलना पड़ रहा है। जल्द ही आवागमन शुरू हो जाएगा तो घाटे की भरपाई हो जाएगी।
यहां हो रहा है बसों का संचालन
बरेली, अलीगढ़, हाथरस, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद, लखनऊ, कानपुर, हरदोई, सीतापुर के अलावा मथुरा-वृंदावन और बरसाना, नौहझील, मांट, फरह, गोवर्धन, बरसाना, छाता, कोसीकलां, सुरीर, टैंटीगांव