मथुरा। विशेष सफाई अभियान का निरीक्षण करने पहुंचे नगर आयुक्त अनुनय झा और महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ गया, जब वार्ड-11 गांव बाद के क्षेत्रीय नागरिकों ने पेयजल समस्या को लेकर घेराव किया। महिलाओं ने बताया कि पानी की किल्लत बनी हुई, पर समाधान आजतक नहीं हो सका है। दलित और मलिन बस्तियों में लोग एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं। बाद में अधिकारियों के आश्वासन पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
नगर आयुक्त ने कहा कि निगम से पांच टैंकर प्रतिदिन यहां भेजे जा रहे हैं। खराब पड़े दो नलकूप से भी पेयजल सप्लाई की जा रही है। फिर समस्या क्यों आ रही है। इस पर महिलाओं ने बताया कि पार्षद स्वजातीय क्षेत्र में टैंकर से गलियों की धुलाई और पानी टंकी भरवा देती हैं। नगर आयुक्त ने पार्षद को बुलाया और उनसे कहा कि वह अपने मोहल्ले के अलावा अन्य क्षेत्रों का भी ख्याल रखें। इसके बाद तय हुआ कि गांव में रोज पानी के टैंकर पहले वाल्मीकि और दलित बस्तियों में सप्लाई करेंगे।
उन्होंने आदेश दिए कि वाल्मीकि व जाटव बस्ती में सबमर्सिबल भी लगाया जाए। वहीं, औरंगाबाद प्रथम में नाली पर अतिक्रमण देखकर नाराजगी व्यक्त की। तत्काल अतिक्रमण हटवाकर सफाई कराई गई।
रविवार को महापौर एवं नगर आयुक्त औरंगाबाद प्रथम व द्वितीय वार्ड पहुंचे। औचक निरीक्षण में वाल्मीकि बस्ती में नाली व सड़क निर्माण के लिए एक्सईएन को प्रस्ताव तैयार करने को निर्देशित किया। नगर आयुक्त ने वार्ड 7, 26 व 11 में नालियों की तली झाड़ सफाई प्रत्येक सप्ताह कराए जाने और रोस्टर तैयार कर वार्डों की सफाई करने को कहा। वार्ड 11 बाद के निवासियों के अनुरोध पर हाईवे के सर्विस रोड पर उपलों को हटाए जाने के निर्देश दिए।