मथुरा। न्यायालयों में फर्जी तरीके से जमानत देकर शातिर बदमाशों को जेल की सलाखों से बाहर लाने का काम करने वाले गिरोह के एक सदस्य की अग्रिम जमानत को जिला जज राजीव भारती की अदालत ने खारिज कर दिया है। आरोपी द्वारा जिला जज की अदालत में जमानत का आवेदन किया था।
डीजीसी शिवराम सिंह तरकर के अनुसार जमुनापार पुलिस ने वर्ष 2021 में एक युवक को नशीला पदार्थ रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। उच्च न्यायालय में उसकी जमानत अर्जी मंजूर हो गई। उसे एडीजे सप्तम की अदालत में उसे जमानत दाखिल करनी थी। उसने हाथरस में रहने वाले दो जमानतियों के सत्यापित कागज न्यायालय में जमा किए।
शक होने पर जमानतियों के सत्यापित कागजों की जांच कराई गई तो वह फर्जी निकले। जिसके बाद एडीजे सप्तम की अदालत में कार्यरत कर्मचारी जुगल किशोर पांडेय ने फर्जी जमानत दाखिल करने वाले नितिन कुमार सिंह व अन्य के खिलाफ सदर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कराया। नितिन कुमार सिंह ने अग्रिम जमानत लेने के लिए जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया। डीजीसी ने बताया कि जिला जज ने नितिन कुमार सिंह की अग्रिम जमानत की अर्जी को खारिज कर दिया है।