मथुरा/नौहझील। चार दिन पूर्व यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात वाणिज्यकर के सचल दल पर कैंटर चढ़ाने के मामले में पुलिस चांदी तस्करों की साजिश मानकर जांच में जुटी हुई है। पुलिस की टीमों ने आगरा, दिल्ली और मथुरा के कोरियर कंपनी के कार्यालयों में कर्मचारियों और अफसरों से पूछताछ की है। करीब 28 व्यापारियों की 700 किलो चांदी की पायल दिल्ली पिकअप गाड़ी से जा रही थीं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 जून की देर रात 12 बजे 60 माइल स्टोन पर वाणिज्यकर का सचल दल चेकिंग कर रहा था। चांदी लेकर आगरा से दिल्ली जा रही पिकअप को सचल दल ने रोका था। टीम वाहन में सवार कोरियर कंपनी के कर्मचारी अनिल कुमार से पूछताछ कर रही थी कि 3 मिनट बाद मथुरा से जा रहे तेज रफ्तार कैंटर चालक ने गाड़ी सचल दल पर चढ़ा दी थी। इसमें सीटीओ वीरेंद्र और सिपाही कौशल किशोर की मौत हो गई, जबकि संयुक्त आयुक्त और सहायक आयुक्त समेत पांच कर्मचारी घायल हो गए। चांदी लेकर जा रहा अनिल कुमार भी घायल हुआ था।
एसपी देहात श्रीशचंद ने बताया कि आगरा से दिल्ली जा रही पिकअप में 28 व्यापारियों की 700 किलो चांदी की पायल थीं। फिलहाल चांदी तस्करों की साजिश को लेकर जांच चल रही है।
संयुक्त आयुक्त की हालत नाजुक, फोर्टिस में भर्ती
वाणिज्यकर विभाग के संयुक्त आयुक्त मनोज त्रिपाठी की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल उनका इलाज नोएडा के फोर्टिस में चल रहा है। कैलाश हॉस्पिटल से उन्हें यहां रेफर किया गया है। इसके अलावा अन्य वाणिज्यकर अधिकारी और कर्मचारियों का इलाज चल रहा है।
दो चालकों समेत 10 लोग उठाए, पूछताछ
पिकअप चालक बिट्टू और कैंटर चालक बनवारी प्रसाद निवासी नौहझील के अलावा करीब 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इसके अलावा कैंटर के खलासी लाला की तलाश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस साजिश का खुलासा किया जाएगा।