गोवर्धन (मथुरा)। गिरिराज धाम को जलभराव से मुक्ति दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने 50 करोड़ रुपये की वाटर ड्रेनेज योजना से 25 किमी में अलग-अलग नाले निर्माण की योजना को स्वीकृति जल निगम को दी थी।
2017 में ड्रेनेज वाटर कार्य शुरू कराए गए थे। 15 किमी तक कार्य कराने के बाद यह योजना अधर में लटक गई। पांच वर्ष में भी काम पूरे नहीं हो सके हैं। शनिवार को मुड़िया मेला की तैयारियों को लेकर डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जल निगम से ड्रेनेज सीवरेज की प्रगति रिपोर्ट मांगी तो जल निगम के अधिकारी बगलें झांकते नजर आए।
गोवर्धन में 10-14 जुलाई तक राजकीय मुड़िया पूर्णिमा लगेगा। 5 दिवसीय मेला में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का अनुमान है। परिक्रमा मार्ग में गिरवर निकुंज, भक्तिकुंज, आन्यौर व बरसाना मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के सामने नाले टूटे पड़े हैं, ज्यादातर नाले गंदगी से अटे पड़े हैं।
शनिवार को डीएम नवनीत सिंह चहल ने वाटर ड्रेनेज योजना की प्रगति रिपोर्ट तलब की। जल निगम के अधिकारी ने ईओ गोवर्धन और वन विभाग पर बात डाल दी। उन्होंने जल निगम के अधूरे कार्यों से अवगत कराया तो जल निगम के अधिकारी बगलें झांकने लगे। डीएम नवनीत सिंह चहल ने मुड़िया मेला से पूर्व योजना के कार्यों को पूरा कराने के निर्देश एडीएम प्रशासन को दिए हैं।
गोवर्धन क्षेत्र में 25 किमी नाला निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट चल रहा है। 21 किमी नाले निर्माण का कार्य हो चुका है। कुछ भाग वन विभाग की अड़चनों से रुक गया है। 16 किमी का एरिया नगर पंचायत के हैंडओवर कर दिया है।
- प्रवीण माहेश्वरी एई, जल निगम