मथुरा अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश न्यायालय पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत ने अलग-अलग घटनाओं में दो किशोरियों से दुष्कर्म करने वाले दो अभियुक्तों को दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें अर्थदंड से भी दंडित किया है।
केस-1
वृंदावन कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली किशोरी को 3 जनवरी 2020 को पड़ोस में रहने वाला राहुल फुसलाकर भगा ले गया। दबाव पड़ने पर अगले दिन इस्कॉन मंदिर पर छोड़ गया। किशोरी की मां ने राहुल के खिलाफ वृंदावन कोतवाली में 4 जनवरी 2020 को मुकदमा पंजीकृत कराया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए, किशोरी ने बताया कि राहुल ने अपने अन्य साथियों के साथ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया, जबकि जांच में पुलिस ने राहुल के खिलाफ ही आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश न्यायालय पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत में हुई। अदालत ने राहुल को दस वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
केस-2स
वहीं, दूसरी ओर अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश न्यायालय पॉक्सो एक्ट विपिन कुमार की अदालत किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले दूसरे अभियुक्त आदर्श पांडेय को 10 वर्ष के कारावास तथा 5000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त किशोरी को वर्ष 2020 में बाइक पर बैठाकर ले गया और सुनसान जगह पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी किशोरों को एक होटल में भी ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया था। किशोरी की मां ने वृंदावन कोतवाली में दर्ज कराई। रिपोर्ट में दुष्कर्म करने व अश्लील वीडियो बनाने की बात कही। स्पेशल डीजीसी अलका उपमन्यु ने बताया अदालत ने दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई है। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों का सजाई वारंट बना उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।