मथुरा। वृंदावन के एक क्लीनिक पर सरकारी एंटी रेबीज वैक्सीन पहुंचने का मामला प्रकाश में आया है। एक मरीज की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
पंजाब के गुरुदासपुर निवासी गगन गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि बीते दिनों बंदर के काटने के बाद वह वृंदावन के मोतीझील स्थित जेपी सारस्वत के निजी क्लीनकि पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने गए। यहां उपस्थित डॉक्टर ने उन्हें वैक्सीन लगाई। इस वैक्सीन पर नॉट फॉर सेल लिखा था, जिससे प्रतीत होता है कि यह किसी सरकारी अस्पताल से लेकर उन्हें लगाई गई। गगन गुप्ता ने मोबाइल से खाली वैक्सीन का फोटो लेकर भी स्वास्थ्य विभाग को भेजा है।
गगन की शिकायत पर शुक्रवार को नोडल अधिकारी डॉ. भूदेव सिंह, चीफ फार्मासिस्ट शिव कुमार मोतीझील स्थित क्लीनिक पर पहुंचे। यहां एक हनी नामक महिला मिली। पड़ताल के दौरान महिला चिकित्सा संबंधी कागजात नहीं दिखा सकी। इसके साथ क्लीनिक पर मानकों की अनदेखी भी मिली। डॉ. भूदेव ने बताया कि संभवत: यहां लगाई गई एंटी रैबीज वैक्सीन मथुरा, हाथरस या अलीगढ़ से यहां पहुंची होने की संभावना है।
इस मामले की जांच कराई जा रही है कि यहां यह वैक्सीन पहुंची कैसे। उन्होंने बताया कि गगन द्वारा भेजे गए फोटो में खाली वैक्सीन पर पड़े बैच नंबर से यह जानकारी की जा रही है कि वो किस सरकारी स्टोर से वृंदावन पहुंची। इसके बाद क्लीनिक संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।