एसटीएफ मेरठ ने पुलिस भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी गोपाल रावत को हिरासत में लिया। गिरोह अभ्यर्थियों से पास कराने के नाम पर 22 लाख रुपये तक वसूलने की तैयारी में था, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
एसआई और पुलिस भर्ती परीक्षा में ब्लूट्रूथ डिवाइस से पेपर हल कराने का लालच सेंध लगाने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी गोपाल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसटीएफ मेरठ की टीम ने उसके साथी अनुज को गिरफ्तार करके गोपाल के नाम का खुलासा किया था।
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एसटीएफ मेरठ यूनिट के एसआई संजय कुमार ने रविवार को एसआई और पुलिस की लिखित परीक्षा में पास कराने वाले गिरोह के सदस्य राया के गांव हवेली निवासी अनुज कुमार को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अनुज ने बताया था कि रविवार को दूसरे दिन की परीक्षा में ब्लूट्रूथ डिवाइस के जरिए पेपर सॉल्व करने के प्रयास में थे। इसके लिए 22 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी तक डिमांड की गई थी।
अनुज ने बताया कि गैंग का मुख्य सरगना गोपाल रावत है। सोमवार को पुलिस ने गैंग के सरगना गोपाल निवासी नगला थाना सौंख पचावर को हिरासत में ले लिया। पुलिस गोपाल से पूछताछ कर रही है। वहीं परिजनों ने पुलिस ने बताया गया कि गोपाल तो खुद इटावा में पुलिस की परीक्षा दे रहा था, जब परिजनों को घटना के संबंध में जानकारी हुई तो वह थाने आ गए। इस गिरोह में अनिल नामक युवक का नाम भी सामने आ रहा है।
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जीजा भी गया था पुलिस भर्ती में जेल
पुलिस ने बताया कि पिछले साल अनुज का जीजा भी अलीगढ़ में पुलिस परीक्षा में नकल करते हुए पकड़ा गया था। तभी से अनुज का नंबर सर्विसलांस पर आ गया और उसी आधार पर एसटीएफ अनुज तक पहुंच गई। पुलिस हिरासत में लिए मुख्य आरोपी गोपाल से पूछताछ कर रही हैं।