बैंड बजा। बारात चढ़ी लेकिन सारे के सारे इंतजाम उधार में किए गए। किसी ने फर्नीचर वाले का उधार किया तो किसी ने होटल वाले को अगली तारीख का चेक दे दिया। कैश की फिर भी जरूरत पड़ी तो रिश्तेदारों से उधार मांगा गया। क्या करते, बेटे या बेटी की शादी के लिए महीनों से जोड़ कर रखा गया पैसा बड़े नोटों में ही था तो सब बेकार हो गया था।
देवोत्थान एकादशी पर जबरदस्त सहालग रहा। शुक्रवार को तो शाम ढले ही जगह-जगह बारातों का धूम-धड़ाका शुरू हो गया था। बैंडबाजे पर नाच रहे दूल्हे के दोस्त माहौल को रंगीन बना रहे थे। लेकिन कोई बेटी या बेटे वाले से पूछे कि उसने किस तरह से व्यवस्था की है। बेटी को देने के लिए फ्रिज, कूलर, एसी, एलसीडी, एलईडी सब उधार लिया है। जबकि किसी ने एडवांस चेक दे दिया है। होटल वाले को भी शादी के बाद पैसा दिया जाएगा।
कृष्णापुरी निवासी हप्पू यादव की बहन की शादी हुई। हप्पू ने बताया कि उधारी करनी पड़ी है। जो हमने इंतजाम कर रखा था सब बेकार हो गया है। अब इतना समय है नहीं कि पैसे बदल लें। वैसे भी बैंकों में इतनी लाइन है और ऊपर से नोट बदलने की लिमिट कर रखी है। तमाम झंझट हैं।
लक्ष्मीनगर कृष्णा वाटिका में टेंटी सिंह की बेटी की शादी है। बोले, फर्नीचर वाले का एक पैसा नहीं दे पाए हैं। शादी के बाद नोट बदलेंगे तब भुगतान किया जाएगा। यमुनापार बीएसएनएल कर्मचारी की बेटी की शादी हुई। बड़े नोट बदले नहीं जा सके तो वह भी कहीं खरीदारी नहीं कर पाए। बेटी की शादी में खर्च करने को जो बजट बना रखा था वह भी गड़बड़ा गया है।
मांट के गांव मिरताना निवासी सुरेश चंद्र की बेटी की शादी थी। पड़ोसियों से डेढ़ लाख रुपये लेकर किसी तरह इंतजाम किया। जो बड़े नोट थे उन्हें बदला नहीं जा सका था। चंदनवन निवासी दिगंबर सिंह की बेटी की शादी है। मेहमान आ गए हैं लेकिन अभी तक खरीदारी नहीं कर पाए हैं।
शादियों में मेहमान भी कम ही पहुंचे
इस बार शादियों में मेहमान भी कम ही पहुंचे हैं। टेंटी सिंह ने बताया कि उनके तो आधे रिश्तेदार भी नहीं आ पाए हैं। पैसे का इंतजाम करने में ही लगे रहे। बैंक खुले तो शाम तक सभी ने नोट बदले हैं। अब कैसे आते शादी में। उनका कहना है कि नोट बदलने से पहले लोगों को बता दिया जाता तो वह उसी तरह से व्यवस्था कर लेते।
एडवांस में चेक देकर खरीदा फर्नीचर
वीआईपी फर्नीचर के स्वामी मोहम्मद रियाजुद्दीन ने बताया कि शादी वाले घरों में जो फर्नीचर गया है वह या तो एडवांस चेक देकर गए हैं या फिर उधार में ले गए हैं। बड़े नोट बंद होने से इन लोगों के सामने वाकई बड़ी दिक्कत आ रही है। रघुनाथ एंड संस के स्वामी डा. विशाल खुराना ने बताया कि शादी के लिए सामान उधार में ज्यादा जा रहा है। बहुत से लोग एडवांस में चेक भी देकर गए हैं।
व्यापार मंडल ने की मदद
रमेश कुशवाह की बेटी की शादी के लिए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने मदद की। प्रांतीय उपाध्यक्ष मुरारी अग्रवाल, जिलाध्यक्ष किशोर भरतिया और महामंत्री नवीन नागर ने बताया कि 91,000 रुपये परिवार को दिए गए हैं। मुरारी अग्रवाल ने बताया कि व्यापार मंडल गरीबों की मदद के लिए हमेशा आगे रहता है।