इस दीपावली मेड इन चाइना कारोबारियों के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर चीन निर्मित सामान के खिलाफ बढ़ रहे विरोध से कारोबार पर असर की आशंका जताई जा रही है। चीन में बने माल के बहिष्कार का असर बाजार में दिखने भी लगा है।
सोशल मीडिया पर चीन में बने आइटमों के बहिष्कार का अभियान चल रहा है। इस अभियान में युवाओं के कमेंट्स काफी तीखे है। चीनी माल के बहिष्कार की अपील हो रही है। इसका असर बाजार पर पड़ रहा है।
मथुरा और वृंदावन में करीब सौ थोक के दुकानदार है जो पूरे जिले में लगभग दो हजार फुटकर विक्रेताओं को चीन में बनी सस्ती झालर, सजावट के अन्य सामानों की सप्लाई करते हैं। केवल दीपावली के अवसर पर ही मेड इन चाइना सामान का कारोबार 5 करोड़ का हो जाता है। कारोबारी खरीददारी भी कर चुके हैं।
अब तो सामान खरीद लिया
मेड इन चाइना माल का कारोबार करने वाले मोहन अग्रवाल ने बताया वो हर बार दो से तीन लाख तक का माल खरीदते है। इस बार भी खरीद लिया है। लेकिन दुकान पर आने वाला ग्राहक मेड इन इंडिया की मुहर देख रहा है। बिजली की झालरों का कारोबार करने वाले विनोद अग्रवाल हालांकि आशान्वित हैं। बोले कि दीपावली के लिए चीन के माल की खरीद कर चुके हैं। अभी दस दिन बाद बाजार में बिक्री तेज होगी।
सोशल मीडिया पर दिलाई जा रही ये शपथ
मैं ये शपथ लेता हूं कि इस दीपावली कोई भी चाइनीज सामान नहीं खरीदूंगा। फिर भले ही वो भारतीय सामान के सापेक्ष सस्ता ही क्यूं न हो। जो चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है उस देश में मेरा एक भी रुपया जाना मेरा अपने देश के खिलाफ जाना है।
...जय हिंद