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अखिलेश के समर्थन में पार्टी छोड़ गए सपा के दिग्गज

Sat, 31 Dec 2016 12:35 AM IST
अमर उजाला मथुरा
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इस्तीफा - फोटो : अमर उजाला
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सपा कुनबे में छिड़ी जंग ने पार्टी को बांट दिया है। मथुरा में पूर्व जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा समेत सपा के कई दिग्गजों ने पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया जबकि कई को मुख्यमंत्री के आदेश का इंतजार है। इनका कहना है कि वो मुख्यमंत्री के साथ हैं। जो उनका आदेश होगा उसका पालन किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी से निष्कासित किए जाने सूचना के साथ ही सपा खेमे में हड़कंप मच गया। पार्टी नेता बेचैन हो गए। कहां जाएं। किसके साथ रहें ये तय ही नहीं कर पा रहे थे। लेकिन जो शुरुआत से ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ थे उन्होंने तत्काल इस्तीफा देने का एलान कर दिया। एक बड़ी संख्या ऐसे नेताओं की थी जिन्होंने बाकायदा अखबार के दफ्तर में फोन करके कहा कि वो तो मुख्यमंत्री के ही साथ हैं। 

सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ठाकुर किशोर सिंह का कहना है कि पूरी पार्टी अखिलेश यादव के साथ है। मुलायम सिंह यादव को इस्तीफा देकर पार्टी की कमान अखिलेश को सौंपनी चाहिए। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव विभोर गौतम का कहना है कि हमारे नेता तो अखिलेश यादव हैं। पूरी यूथ ब्रिगेड उनके साथ खड़ी है। वहीं यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष सौरभ चौधरी ने पार्टी छोड़ने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि हम तो अखिलेश जी से प्रभावित होकर सपा में गए थे। 
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सपा के महासचिव तनवीर अहमद का कहना है कि पार्टी मुलायम सिंह यादव ने खड़ी की लेकिन अखिलेश यादव की मेहनत को भी भुलाया नहीं जा सकता। सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव प्रदीप चौधरी ने भी अपने सैकड़ों समर्थनों के साथ पार्टी छोड़ने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि हम अखिलेश यादव के साथ रहेंगे।  
  
अखिलेश को जनता पहले ही खारिज कर चुकी: श्रीकांत शर्मा
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जनता पहले ही खारिज कर चुकी है। वो कौन से वादे पूरे कर पाए हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त रही। लोगों को उनका हक नहीं मिला। किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा है। सपा तो पूरी तरह से साफ हो चुकी है। श्रीकांत शर्मा ने कहा कि हालांकि ये तो सपा का घरेलू मसला है लेकिन जनता को जरूर गुमराह किया जा रहा है।  



ये समाजवादी पार्टी का पारिवारिक विवाद है। अखिलेश शासन में अराजकता के माहौल ने सपा को पहले से ही कमजोर कर दिया था। अब ये घटनाक्रम उसके अस्तित्व को ही संकट में डालने जा रहा है। ये सब पैसे के बंटवारे का खेल है।
-चौधरी तेजवीर सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा

सिर्फ राजनीतिक ड्रामा है। चार दिन बाद ये सभी एक हो जाएंगे। अब तक जो दौर अराजकता का रहा है, उससे जनता का ध्यान हटाने की कोशिश हो रही है। लेकिन, जनता सब जानती है। इनके झांसे में इस बार नहीं आएगी।
-सत्यप्रकाश कर्दम, जिलाध्यक्ष बसपा

प्रदेश में यादव परिवार के बीच छिड़े द्वंद्व में समाजवादी पार्टी का अंत दिखाई दे रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ये दुखद है। इससे धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर होंगी।
-सोहन सिंह सिसौदिया, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

इस झगडे़ के पीछे समाजवादी पार्टी में व्याप्त भ्रष्टाचार है। परिवार में लंबे समय से जो कलह चल रही है उसके पीछे वर्चस्व की जंग है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
-अजय गौतम, जिला संयोजक आप

ये प्रदेश की राजनीति के लिए घातक है। इसके लिए सपा मुखिया मुलायम सिंह ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने प्रदेश में उभरते युवा नेतृत्व को दबाने की कोशिश की है।
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-कुंवर नरेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता रालोद

 
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