मथुरा में मंगलामुखियों के नेग और क्षेत्र बंटवारे को लेकर हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलामुखियों के गुरु माया बाई को जेल भेजने के बाद पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं।
मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में बंटवारे और नेग मांगने को लेकर हुए विवाद के बाद छाता पुलिस द्वारा मंगलामुखियों के गुरु माया बाई को तीन अन्य साथियों समेत झूठे मामले में फंसाए जाने से मंगलामुखियों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने छाता पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बृहस्पतिवार को मंगलामुखी एकत्रित होकर मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी से मिले और अपनी पीड़ा बताते हुए न्याय की गुहार लगाई।
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पिछले सप्ताह कोसी एवं छाता के मंगलामुखियों के बीच क्षेत्र बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। बठैनगेट चौराहे पर उनके बीच मारपीट भी हुई। जिसके बाद थाने पहुंच गए थे। इस मामले में छाता के मंगलमुखी जस्सी की तहरीर पर छाता पुलिस ने कोसी निवासी मायाबाई सहित सात सहयोगियों पर अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। जिसके बाद मायाबाई के सहयोगी मंगलामुखी भड़क गए।
उन्होंने छाता पुलिस पर झूठा मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी किए जाने का विरोध कर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। इस मामले को लेकर मंगलामुखी छोटी बाई, चंदा बाई, सोना बाई, लम्बो, सलमा समेत तमाम मंगलामुखी एकत्रित होकर मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी से मिले और पीड़ा बताई। बताया कि उनके खिलाफ साजिशन झूठा मुकदमा दर्ज कर गुरु को जेल भेज दिया गया है। जबकि उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की जा रही है। पुलिस एक तरफा कार्रवाई में जुटी हुई है। मामले को सुनकर नरदेव चौधरी ने उन्हें निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।