ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में मंगलवार को भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। मंदिर में काफी लंबे समय के बाद ऐसा भव्य और दिव्य छप्पन भोग आयोजित हुआ है।
56 भोग की तैयारियों के कारण मंगलवार सुबह द्वारिकाधीश मंदिर में मंगला आरती नहीं हुई। इससे भक्त निराश होकर लौट गए। वहीं हर रोज सुबह मंदिर में मंगला आरती का आयोजन किया जाता है।
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मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं के दर्शन के साथ-साथ द्वारिकाधीश के समक्ष 56 भोग लगाने में दिक्कतें आ जाती हैं। ऐसे स्थिति में भक्तों की भीड़ को संभालना मुश्किल हो जाता है। इस कारण मंगलवार सुबह मंदिर में 56 भोग कार्यक्रम के कारण मंगला आरती नहीं की गई।
लगे छप्पन भोग, उमड़े श्रद्धालु
ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में मंगलवार को भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में भक्त उमड़े। मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि काफी लंबे समय के बाद ऐसा भव्य और दिव्य छप्पन भोग आयोजित हुआ है। मंदिर के गोस्वामी डॉक्टर वागीश कुमार, कांकरोली नरेश और वेदांत कुमार ने पूजा शुरू की।
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छप्पन भोग की तैयारी लगभग 15 दिन से चल रही थी। मानक शंकर व संतोष लखनपुर के विशेष आमंत्रण पर पहुंचे डॉक्टर वागीश कुमार ने अपने आराध्य के लाड़ लड़ाने के लिए 27 जनवरी को ही पहुंच गए थे। 56 भोग के दर्शन दोपहर तीन बजे से खुले और रात्रि आठ बजे तक निरंतर चले। आरती वेदांत कुमार द्वारा उतारी गई।