मथुरा। मथुरा-वृन्दावन विकास प्राधिकरण के सभागार में आयोजित बैठक को सम्बोधित करते ऊर्जा मंत्रीश
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मथुरा। प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को जनपद की विकास परियोजनाओं की मैराथन समीक्षा की। साढ़े तीन घंटे से भी अधिक समय तक विकास प्राधिकरण सभागार में अलग-अलग विभागों की समीक्षा करते हुए मथुरा को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। हालांकि इस मैराथन बैठक के चलते जनता दरबार में ऊर्जामंत्री के आवास पर पहुंचे फरियादियों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
सबसे पहले ऊर्जामंत्री के समक्ष पीडब्ल्यूडी ने विभिन्न विभागों द्वारा जनपद में बनाई गई सड़क का मैप प्रस्तुत किया। इसमें अलग-अलग विभागों की सड़क रेखांकित की गई थीं। इन पर मरम्मत की आवश्यकतानुसार काम करने के निर्देश दिए। जल निगम अधिकारियों के साथ गंगा जल परियोजना और सीवर कार्य की समीक्षा की। पिछली बैठक में ऊर्जामंत्री ने जल निगम के ही अधिकारियों की जमकर लताड़ लगाई थी।
इसके बाद ब्रज तीर्थ विकास परिषद और विकास प्राधिकरण की योजनाओं की रिपोर्ट ली। नगर निगम के अधिकारियों को स्वच्छता, अस्थाई अतिक्रमण, अवैध कब्जा की समस्या का स्थाई समाधान खोजने के निर्देश दिए। मंदिरों के आसपास स्वच्छता का खास ख्याल रखें। जिन क्षेत्रों से अवैध कब्जा या अतिक्रमण हटाया गया है उन क्षेत्रों पर पुन: कब्जा न हो इसके लिए एक पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाय। ट्रैफिक के लिए ट्रैफिक पुलिस को कारगर प्लान बनाने के लिए कहा गया।
इन सभी विभागों के अधिकारियों को पर्यटन की दृष्टि से मथुरा को विकसित करने की योजना पर काम करने के निर्देश दिए। मथुरा वृंदावन पर्यटकों के आकर्षक केंद्र बनाने के लिए सभी चौराहों को सुंदर बनाया जाय। बैठक में महापौर डॉ. मुकेश आर्यबंधु, डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, एसएसपी शलभ माथुर, नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड, सीडीओ रामनेवास, एमवीडीए उपाध्यक्ष नगेंद्र प्रताप सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। यहां समीक्षा के बाद ऊर्जामंत्री ने अपने आवास पर जनसुनवाई की। हालांकि लंबा इंतजार देख अनेक फरियादी वापस भी लौट आए।