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Mathura News: दुष्कर्म के आरोपी मनोज के एनकाउंटर के संबंध में मजिस्ट्रेटी जांच गठित

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मथुरा। जिला अस्पताल में पुलिस को चकमा देकर 31 मई की सुबह फरार हुआ महावन की वृद्धा से दुष्कर्म व लूट का आरोपी मनोज उर्फ उत्तम के एक जून को हुए एनकाउंटर के संबंध में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच गठित कर दी है। एसडीएम छाता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। 24 जून को कोई भी गवाह इस संबंध में साक्ष्य व गवाही पेश कर सकता है।
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बता दें कि मनोज उर्फ उत्तम पुत्र चंद्रभान निवासी मई, शेरगढ़ को पुलिस ने 30 मई की रात को मुठभेड़ में जगदीशपुर अंडरपास, यमुना एक्सप्रेस-वे पर घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया था। उसके दोनों पैरों में गोली लगी थी। देर रात तीन बजे करीब पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां इमरजेंसी में 12 नंबर बेड पर उसे रखा गया था। 31 मई की सुबह आरोपी मनोज की मां लीलावती उससे जिला अस्पताल मिलने पहुंची थी। सुबह 11 बजे करीब मनोज को पुलिसकर्मी शौच कराने ले गए। शौचालय के अंदर छोड़ने के बाद गेट पर पहरा देने के बजाए हेड कांस्टेबल आनंद प्रताप और नेपाल सिंह वार्ड में कुर्सी पर आकर बैठ गए। तभी वह फरार हो गया।
एसओ महावन आशा चौधरी ने शहर कोतवाली में फरार मनोज व हेड कांस्टेबल आनंद प्रताप और नेपाल सिंह पर मुकदमा दर्ज कराया था। एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने एसपी देहात त्रिगुण बिसेन के नेतृत्व में तीन टीम उसकी गिरफ्तारी को लगाई थीं। इधर, आईजी रेंज दीपक कुमार ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था। शुक्रवार देर रात पुलिस को मनोज के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के दलौता-सेही मार्ग पर लौहालारी माता देवी मंदिर के पास आने की सूचना मिली। पुलिस ने वहां घेराबंदी की। जैसे ही वह बाइक से पहुंचा। पुलिस ने उसे सरेंडर को कहा। तभी उसने पुलिस पर कंट्री मेड पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसे सीने में दो गोली जा लगीं। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मनोज एनकाउंटर के संबंध में मजिस्ट्रेटी जांच गठित कर दी है।
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