- अबीर-गुलाल की वर्षा के बीच गूंजती रही कृष्ण-बलराम की जयकार
संवाद न्यूज एजेंसी
कोसीकलां(मथुरा)। बठैन में बुधवार को हुरंगा हुआ। इसमें बठैन की हुरियारिनों ने जाव के हुरियारों पर जमकर लाठियां बरसाईं। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने इन अलौकिक होली का आनंद लिया। अबीर गुलाल की वर्षा के बीच कृष्ण-बलराम के जयकारे गूंजते रहे।
दोपहर करीब तीन बजे जाव के हुरियारे बलराम की प्रतीक झंडी को लेकर बठैन गांव के दाऊजी मंदिर पर एकत्रित हुए। मंदिर में समाज गायन के बाद हुरियारे ढोल-नगाड़े, ढप-ढोल बजाते, होली गीत गाते हुए मैदान की ओर चल दिए। शोभायात्रा शाम सात बजे गांव के बाहर मैदान पर पहुंची। यहां घूंघट ओढ़े और हाथों में लाठियां लिए हुरियारिन खड़ी थीं। उन्होंने बरसाने की लठामार होली की तरह लाठियों से हुरियारों के लकड़ी के विशेष प्रकार से बने हलों पर वार पर वार किया। 35 फीट व्यास के गोल घेरे में हुरियारे भागते हुए हुरियारिनों की लाठियों के प्रहार से बचने का प्रयास करते रहे। करीब एक घंटे से अधिक समय तक हुरंगा चला। इस दौरान बलदाऊ की जय, राधा रानी के जयघोष से मैदान गुंजायमान रहा। इस अवसर पर कोकिलावन के महंत प्रेमदास महाराज, कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, नरदेव चौधरी, निक्की चौधरी, डालचंद चौधरी आदि थे।
हुक्के बने आकर्षण का केंद्र
बठैन में हुरंगे के दौरान निकाली गई शोभायात्रा में सिरदारी के हाथों में लगे हुक्के आकर्षण का केंद्र बने हुए थे। थोड़ी दूर चलने पर बुजुर्गों का दल रुकता और हुक्का गुड़गुड़ाने लग जाता। बुजुर्गों के रुकते ही गांव की बुजुर्ग महिलाएं माला पहनाकर स्वागत करतीं और बुजुर्ग एक विशेष प्रकार के बने प्रसाद को निकालकर दे रहे थे। सिरदारी इस दौरान ठिठोली भी कर रही थी।