मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के यमुना के प्रदूषण को दूर करने संबंधी बयान को लेकर यमुना भक्तों में उम्मीद की किरण जगी है। हालांकि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी उन्होंने सरकारी तंत्र के प्रति नाराजगी जताई।
प्रबुद्धजन सम्मेलन में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के विभिन्न मुद्दों पर बात की तो यमुना को लेकर विशेष तौर पर कहा कि यमुना की गंदगी को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंगा मैया के बाद अब यमुना मैया की बारी है. सीएम के इस बयान पर विश्व धर्म रक्षक दल के विजय चतुर्वेदी ने कहा कि यमुना शुद्धिकरण को लेकर सीएम का बयान महत्वपूर्ण तो है लेकिन हकीकत ये है कि नमामि गंगे के तहत यमुना शुद्धिकरण के लिए आए 1500 करोड़ रुपये नालों की सफाई में बहा दिए गए।
हथिनीकुंड के आगे शुद्ध जल नहीं है, बल्कि हरियाणा-दिल्ली का मलमूत्र ही संगम तक जा रहा है। उन्होंने कहा कि यमुना सफाई के नाम पर सरकारी धन हड़प लिया जाता है। जबकि एक भी नाला टैप नहीं हुआ। उन्होंने यमुना की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने की मांग की। इस दौरान नरेंद्र एम चतुर्वेदी, राजीव पाठक, सोनू पंडित, सौरभ खंडेलवाल और राजू चतुर्वेदी आदि मौजूद थे।
यमुना में गिर रहा 360 एमएलडी प्रदूषित जल
संजय हरियाणा ने कहा है कि यमुना जल तो अमृत हैं, इसमें प्रदूषण नहीं है। उसे ट्रीटमेंट करने की जरूरत नहीं, बल्कि हकीकत यह है कि यमुना जल आ ही नहीं रहा। सरकार के पास नालों के जल को अन्यत्र ले जाने की कोई ठोस योजना नहीं है। जनपद में सभी नाले 360 एमएलडी प्रदूषित जल रोज यमुना में उड़ेलते हैं, जबकि सरकार अभी 100 एमएलडी के ट्रीटमेंट पर ही कार्य कर रही है।