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सौ करोड़ की तेल चोरी को ‘पी’ गए रिफाइनरी वाले

Tue, 11 Apr 2017 11:57 PM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजाला मथुरा
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इंडियन ऑयल - फोटो : hhhf
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रिफाइनरी की पाइपलाइन से हुई 100 करोड़ की तेल चोरी में पेट्रोलियम मंत्रालय को गुमराह किया गया है। आईओसी की विजिलेंस ने जांच की औपचारिकता निभाई और मामूली चोरी बताते हुए जांच बंद कर दी। यह सब सीबीआई जांच से बचने को किया गया। अगर सरकार के पास सौ करोड़ की तेल चोरी की रिपोर्ट जाती तो मंत्रालय स्तर से सीबीआई जांच की सिफारिश की जा सकती थी।
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मथुरा रिफाइनरी से जालंधर को जाने वाली पाइप लाइन से तेल चोरी का खुलासा 18 फरवरी को हुआ था। हाईवे क्षेत्र में एटीवी फैक्ट्री के पीछे से गुजर रही पाइप लाइन में वाल्व लगाकर टैंकर भरे जा रहे थे। 20 फरवरी को पुलिस ने आगरा निवासी पेट्रोल पंप मालिक तरविंदर सिंह, भंकरपुर बसेला के रामहरि चौधरी और रवि चौधरी को गिरफ्तार किया था। इस सबसे बड़ी तेल चोरी के पीछे तेल माफिया मनोज गोयल का हाथ सामने आया था। मनोज गोयल ने अपने पेट्रोल पंपों पर तो तेल बेचा ही था, प्रदेश के कई जिलों को सप्लाई भी किया था। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ। 

तेल चोरी के इस पूरे खेल में रिफाइनरी वालों की भी मिलीभगत सामने आई थी। जब हल्ला मचा तो आईओसी की विजिलेंस ने रिफाइनरी में जांच शुरू की। लेकिन यह जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई। सभी को क्लीन चिट दे दी गई। जांच में तेल चोरी भी मामूली मानी गई है। यह भी कहा गया कि उनके यहां के किसी भी व्यक्ति की कोई संलिप्तता नहीं है। जबकि यह हो नहीं सकता है कि बगैर किसी की मिलीभगत के पाइप लाइन से तेल चोरी हो जाए।
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बताया जाता है कि विजिलेंस ने पेट्रोलियम मंत्रालय को जो रिपोर्ट दी है उसमें भी मामूली चोरी बताया गया है। 100 करोड़ की तेल चोरी को केवल सीबीआई जांच से बचने को दबा दिया गया है। अगर जांच में बड़ी चोरी दिखाया जाता तो मंत्रालय स्तर से सीबीआई जांच की सिफारिश हो जाती। अगर सीबीआई जांच होती तो कई अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय था।

क्राइम ब्रांच कर रही है जांच
पुलिस का मानना है कि कहीं न कहीं रिफाइनरी वालों की मिलीभगत होगी। एसएसपी ने इसके लिए क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी थी। एसपी सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभी जांच चल रही है। सितंबर 2015 से लेकर फरवरी 2017 तक जो भी अधिकारी रिफाइनरी में तैनात रहे हैं, सभी के बयान दर्ज होंगे। जांच के दायरे में वह अधिकारी आएंगे जो पाइप लाइन सेक्शन से जुड़े हैं। 

रिफाइनरी वालों ने नहीं दी अफसरों की सूची
एसएसपी मोहित गुप्ता ने रिफाइनरी अफसरों से सितंबर 2015 से फरवरी 2017 तक पाइप लाइन डिवीजन के अफसरों की सूची मांगी थी। इसमें पेट्रोलिंग अधिकारी, सुरक्षा अधिकारी और संरक्षा विभाग के अफसर शामिल थे। सूची मांगे हुए भी सवा महीने का वक्त हो गया लेकिन अभी तक रिफाइनरी ने पुलिस को इन अधिकारियों के नाम नहीं दिए हैं।
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