मथुरा। सांसद हेमामालिनी ने लोकसभा में बृहस्पतिवार को पट्टेदार किसानों की पीड़ा को उठाया। उन्होंने कहा कि अधिकांश लघु और सीमांत किसान द्वारा बड़े किसानों की जमीन को पट्टे पर लेकर कृषि कार्य करते हैं, लेकिन जब दैवी आपदा से फसल को नुकसान होता है तो सरकार द्वारा की जाने वाली राशि जमीन मालिक बड़े किसान के खाते में जाती है। सरकार को इस संदर्भ में उचित कदम उठाने चाहिए।
सांसद हेमामालिनी ने मथुरा में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की बात रखते हुए कहा कि यहां मार्च के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश से किसान की फसल प्रभावित हुई है। प्रशासनिक स्तर पर सर्वे भी किया गया है, लेकिन इसका लाभ फसल बुवाई करने वाले किसान को कैसे मिलेगा। मथुरा जनपद में भी बड़ी संख्या में किसान पट्टे पर जमीन लेकर कृषि कार्य कर रहे हैं।
सरकारी मुआवजा पट्टे पर जमीन लेकर फसल उगाने वाले किसान को नहीं मिलेगा। यह राशि जमीन के मालिक के खाते में जाएगी, जबकि नुकसान पट्टेदार किसान का हुआ है। ऐसे में सरकार को ऐसा कोई प्रावधान करना चाहिए, जिससे सरकार द्वारा दी जाने वाली आर्थिक मदद पट्टेदार किसान को मिल सके।